मज़ेदार जोक्स: एक हैदराबादी परिवार में बेटा स्कूल से रोता हुआ घर आया…

April 25, 2021 by No Comments

1. एक हैदराबादी परिवार में बेटा स्कूल से रोता हुआ घर आया..माँ: काईकू रोरा?, बेटा : टीचर मारी मेरेकू.. माँ: काईकू मा’री चु’ड़ैल तेरेकू?, बेटा : मैं मुर्गी बोला उसकू, माँ: अरे काईकू ऐसा बोला रे?,बेटा: काईकू बोले तो? हर पेपर में अण्डा देरी मेरेकू.

2. एक गुजराती जी ने मारवाड़ी जी को अपना कुआँ बेचा। लिखा पढ़ी और पैसे के लेन देन के बाद अगले दिन गुजराती जी, मारवाड़ी जी से मिले और बोले:”मैंने तुमको सिर्फ कुआँ बेचा है, उसका पानी नहीं। अगर पानी भी चाहिए तो, पानी की कीमत अलग से देनी होगी।” इस पर मारवाड़ी जी बोले:”अरे, मैं खुद तुमसे मिलने आ रहा था, ये बोलने के लिए कि, कुएँ में जो तुम्हारा पानी है उसे, दो दिन में निकालकर ले जाओ, नहीं तो मेरे कुएँ में पानी रखने का तुम्हें,किराया देना पड़ेगा।”

3. हमारी न्याय व्यवस्था: एक जंगल में गाय भा’गती हुई जा रही थी। हाथी ने उसे रोक के उससे भागने का कारण पुछा। गाय ने कहा : “सरकार ने जंगल के सारे बै’लों को प’कड़ने का आदेश दिया है।” हाथी ने कहा : “पर तुम क्यों भाग रही हो, तुम तो गाय हो।” गाय ने कहा : “मैं गा’य तो हूँ, लेकिन अगर मुझे प’कड़ लिया, तो २० साल मुझे ये साबित करने में लग जाएंगे, कि मैं बै’ल नहीं, गाय हूँ ।” हाथी भी गाय के साथ भागने लगा.

4. हवलदार: इंस्पेक्टर साहब..मैं इस घर के बाहर खड़ा हूँ..यहाँ एक महिला ने अपने पति को गो’ली मा-र दी है.,इंस्पेक्टर: पूरी वा’रदात का ब्यौरा दो., हवलदार: हुज़ूर..आज इनकी का’मवाली नहीं आई थी…महिला ने खुद पौंछा लगाया था और पति ने गीले फर्श पे पैर छा’प दिए… गु’स्से में म’हिला ने उसे गो’ली मा-र दी…अब मेरे लिए क्या हुकुम है? इंस्पे’क्टर: बाहर ख’ड़ा क्या कर रहा है..अंदर जा के म’हिला को गिरफ्ता’र कर ले., हवलदार: पर हुज़ूर.. फर्श अभी तक गीला है….

5. इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था। इनमें दो पुरुष थे और एक महिला।फाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी।

पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा –”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।” फिर उसने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा…”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मा-र दो।” ”मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मा-र सकता”- आदमी ने कहा।” ..तो फिर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो।..तुम जा सकते हो।” – परीक्षक ने कहा।.. अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ” हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।”

कहकर परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मा-र दो।” आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया। ”मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मा-र सका। मुझे माफ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।”

अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा – ” हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगी चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो। उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।” महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई। कमरे के अंदर घुसते ही फायरिंग की आवाजें आने लगीं लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीख पुकार, उठा पटक की आवाजें आनी शुरू हो गईं। यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला उसके बाद खामोशी छा गई।

लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई। बोली – ”तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन मुझे उसे पीट-पीट कर मारना पड़ा।” बीवियों से बच के रहना भाइयो..अब बोलो

6. आपरेशन के बाद पेशेंट बोला—” डाक्टर साहब, क्या अब मैं रोग मुक्त हूँ ?” सामने से जवाब मिला—” बेटा, डाक्टर साहब तो धरती पर ही रह गए, मैं तो चित्र गुप्त हूँ।”
7. एक कंजूस आदमी की पत्नी बीमार पड़ गईं. कई जगह इलाज कराया पर पत्नी की तबीअत ठीक होके ही न दे रही थी, अब किसी ने बताया कि बला आयी है और कुछ पैसे वार दो, ताकि बला जाती रहे. कंजूस आदमी ने बड़ी मुश्किल 20 रुपए वारे और 80 और मिला कर 100 का रिचार्ज कर लिया. इस पर पत्नी ने पूछा कि क्या कर रहे हो तुम? पति ने कहा..तुझ पर 20 रुपए वारे वो अम्बानी के पास चले गए..80 का बैलेंस तो आ ही गया.. अब तेरी बला अम्बानी के सर.

8. मुन्ना भाई किसी तरह से डॉक्टर बन गए और क्लिनिक खोल लिया. मुश्किल ये कि कोई मरीज़ न आये, बड़ी मुश्किल एक मरीज़ आ गया. सर्किट ने मुन्ना भाई को बताया..मुन्ना भाई ने सोचा थोड़ा स्टाइल मा-र लूँ तू अन्दर से ही वो बोलने लगा…”अपुन बिजी है रे, जल्दी आ…देख, अपुन यहाँ 10 बजे तक है, उसके पहले आता है तो ठीक वरना अपने पास बहुत काम रे..हाँ, फ़ीस 500 रुपए है..चल रख अभी और जल्दी आ”. मुन्ना ने अब बाहर वाले बन्दे को अन्दर बुलाया..,”बता अच्छा, क्या बीमारी है तेरे कू”, “मैं तो टेलीफोन ठीक करने आया हूँ…”

9. कुछ अमीरों की चर्चा..किसी ने कहा मेरा बाथरुम 10 लाख का तो किसी ने 20 लाख को किसी ने 50 लाख का बताया..और जब यही बात एक गाँव के आदमी से पूछी गई तो उसने बताया की मै जहा सुबह लोटा लेके जाता हूँ उस खेत की कीमत 7 करोड़ है..और ऐसे बाथरुम तो हम रोज़ बदल देते है.

10. चचा वोट डालकर बाहर आए और पोलिंग एजेंट से पूछा:तेरी चाची वोट डाल गई क्या?,एजेंट ने लिस्ट चेक कर के कहा: जी चचा वह वोट डाल गई..चचा भरे गले से बोले:जल्दी आता तो शायद मिल जाती, पोलिंग एजेंट: क्यो चाचा आप साथ नही रहते?चचा: बेटा उसे मरे हुए 15 साल हो गए हर बार वोट डालने आती है पर मिलती नही

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