यूपी से नहीं लड़ना चाहती है केन्द्रीय मंत्री,अमित शाह से इस सीट से लड़ाने की मांग

February 17, 2019 by No Comments

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से बड़े राजनैतिक उलटफेर की खबर आ रही है.पंजाब केसरी की एक खबर के अनुसार,केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी अब यूपी की पीलीभीत सीट से चुनाव नही लड़ना चाहती है.इसको लेकर उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अपनी राय बता दी है.पंजाब केसरी के अनुसार,मेनका गांधी ने दो टूक शब्दों में अमित शाह को बता दिया है यूपी में नये बने राजनैतिक समीकरन उनको सूट नही कर रहे है.
भाजपा के सूत्रों का कहना है कि मेनका गांधी ने पिछले सप्ताह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी.उनसे अनुरोध किया कि पीलीभीत में मौजूदा राजनीतिक स्थिति उनके अनुकूल नहीं है उन्होंने करनाल से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है.बताया जाता है कि अमित शाह ने मेनका से कहा कि उनके अनुरोध पर विचार किया जाएगा.

अमित शाह ने मेनका को सलाह दी कि वह राज्य के नेताओं से सलाह-मशविरा करें.आपको बता दे कि मेनका गांधी 2014 में पीलीभीत लोकसभा सीट बड़े अंतर से जीती थीं और उनको 52 प्रतिशत वोट मिले थे लेकिन सपा बसपा गठबंधन होने से मेनका गांधी की असली चिंता सुल्तानपुर को लेकर है.सुल्तानपुर से वरुण गांधी सांसद है लेकिन सपा बसपा गठबंधन होने से यहाँ वरुण गांधी के जीतना बहुत मुश्किल हो गया है.
मेनका गाँधी खुद करनाल से चुनाव लड़ने की योजना बना रही है वही अपने बेटे वरुण गांधी को पीलीभीत से उतारने की सोच रही है.हलाकि मौजूदा स्थिति में पीलीभीत कोई सुरक्षित सीट नहीं रही.पंजाब केसरी के अनुसार,मेनका की मांग पर अमित शह ने हरी झंडी दे दी है.भाजपा की चिंता एक और नेता ने बढ़ा दी है.राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने स्पष्ट तौर पर लोकसभा चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया है.

मेनका गांधी


अमित शाह के निवेदन पर वसुंधरा राजे ने कहाकि वो केंद्र की राजनीती में नही जाना चाहती है वो राज्य की राजनीती में ही रहेंगी.उन्होंने अमित शाह को एक संदेश भेजा है कि यह आप पर निर्भर है कि उनके बेटे दुष्यंत को लोकसभा का टिकट दें या न दें मगर वह जयपुर से बाहर नहीं जाएंगी.वसुंधरा के इस फैसले ने भाजपा को बड़ी दुविधा में डाल दिया है.

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