मेरे पति को बच्चे नहीं चाहिए, मैं क्या करूं?

सवाल-मैं 31 साल की महिला हूं। मेरी शादी को 5 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। मेरी अरेंज्ड मैरिज हुई थी, इसलिए शादी से पहले अपने पति को जानने का मुझे बहुत ही कम समय मिला था। हां, जब हम मिलें, तो उन्होंने मुझसे कहा कि वह बच्चा नहीं चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह इतनी बड़ी जिम्मेदारी को उठाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे।

मेरी भी उम्र कम थी। सच कहूं तो मैं अपने करियर पर ध्यान देना चाहती थी। इसलिए मैंने उनकी बात मान ली। जल्द ही हमारी शादी हो गई और हम एक अच्छी जिंदगी बिताने लगे। हम दोनों के बीच न केवल प्यार था बल्कि बेहतरीन अंडरस्टैंडिंग थी।हमारी लाइफ अच्छी चल ही रही थी

लेकिन चीजें तब बदलने लगी जब मैं 30 साल की हो गई। मुझे ऐसा लगने लगा कि हमने जो निर्णय लिया था वह पूरी तरह से गलत था। हमारी जिंदगी में रंग भरने के लिए एक बच्चा भी होना चाहिए। लेकिन मेरे पति को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

परिवार या दोस्तों में से जब भी कोई मुझसे यह सवाल पूछता है कि आप दोनों बच्चा कब कर रहे हो, तो मैं बुरी तरह परेशान हो जाती हूं।शादी के पांच साल बाद भी बच्चों को लेकर मेरे पति की सोच बिल्कुल भी नहीं बदली है। मैं उनसे जब भी इस विषय पर बात करती हूं, तो वह मेरी बात काट देते हैं।

वह न केवल मुझसे गुस्सा होने लगते हैं बल्कि उनके बात करने का अंदाज भी पूरी तरह से बदल जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि उन्होंने मुझे शादी से पहले ही साफ तौर पर अपने विचारों से अवगत करा दिया था। मेरी स्थिति यह है कि वह मुझसे दूरी बढ़ाने लगे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा मैं उन्हें अपनी परेशानी कैसे समझाऊं?

एक्सपर्ट का जवाब-डॉ केदार तिलवे कहते हैं कि आपकी जिंदगी में बच्चा होना या ना होना पूरी तरह से आप दोनों का पर्सनल डिसीजन है। यह आपके पुराने अनुभव पर निर्भर करता है। लेकिन जब रिश्ते ग्रो करने लगते हैं, तो लोगों के व्यवहार में और उनकी भावनाओं में भी फर्क आने लगता है।

यही एक वजह भी है कि बहुत बार लोग अपने पुराने निर्णय को बदलकर अपनी जिंदगी को नए तरीके से शुरू करते हैं।मैं आपकी परेशानी को समझ सकता हूं। लेकिन आपके पति आज भी अपने पुराने विचारों पर ही अड़े हुए हैं।

ऐसे में सबसे पहले आपको समझना होगा कि आपके पति को बच्चों से इतनी परेशानी क्यों है? क्या ऐसा कोई पुराना अनुभव है, जो उन्हें इस निर्णय को लेने पर मजबूर कर रहा है।
अगर आप वाकई में अपने पति के द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे का कारण जानना चाहती हैं, तो सबसे पहले इस मुद्दे पर नाराज होने के बजाए उनसे प्यार से बात करें।

उनसे बच्चे न करने का कारण जानने की कोशिश करें। यह समझने की भी कोशिश करें कि आखिर उन्हें बच्चे के नाम पर इतनी तकलीफ क्यों है?यही नहीं, आप उनका भरोसा भी वापस जीतने की कोशिश करें। उन्हें बताएं कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, आप हमेशा उनके साथ हैं। पति पत्नी का रिश्ता बेहद नाजुक होता है।

दोनों के बीच भले ही कितना भी प्यार क्यों न हों, लेकिन जब एक मुद्दे पर अलग-अलग विचार आते हैं, तो वह टकराव का कारण बन जाता है।आपको न केवल अपने पति के विचारों को बदलना होगा बल्कि उनके साथ खुलकर बातचीत भी करनी होगी।
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