#MeToo उदित राज के बिगड़े बोल तो सुषमा स्वराज ने साधी चुप्पी

October 9, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: देशभर में महिलाएँ #Metoo कैंपेन चला रही हैं. इसमें वो अपने साथ हुईं यौन शोषण की घटनाओं को सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं. कई जगह पर शोषण करने वालों का नाम भी आ रहा है. अब तक इसमें कई बड़े लोगों के नाम आ चुके हैं. सबसे पहले ये मामले तनुश्री दत्ता से शुरू हुआ. तनुश्री ने नाना पाटेकर पर आरोप लगाया है कि दस साल पहले एक फ़िल्म के सेट पर नाना ने उनके साथ फिजिकल होने की कोशिश की. तनुश्री का अनुभव बहुत भयावह था. ऐसे में तनुश्री का समर्थन करते हुए अलग-अलग जगह काम करने वाली महिलाओं ने भी अपनी बातें कही हैं. अब तक इसमें जो नाम आये हैं उनमें नाना पाटेकर, आलोक नाथ, विकास बहल, एमजे अकबर, इत्यादि के नाम सामने आए हैं.

इस मामले में जहाँ कुछ लोग इस आन्दोलन का समर्थन कर रहे हैं तो कई ऐसे भी हैं जो अटपटे तरीक़े से इस कैंपेन पर ही सवाल उठा रहे हैं. भाजपा सांसद उदित राज भी ऐसे ही एक व्यक्ति हैं. राज ने एक ट्वीट करके लिखा है,”#MeToकैम्पेन जरूरी है लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है ? इतने सालों बाद ऐसे मामले की सत्यता की जाँच कैसे हो सकेगा?जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाएगा उसकी छवि का कितना बड़ा नुकशान होगा ये सोचने वाली बात है।गलत प्रथा की शुरुआत है।#MeToo”

उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के सांसद ने कहा कि #MeToo मूवमेंट का इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह कैसे संभव है कि कोई लिव-इन रिलेशन में रहने वाली लड़की अपने पार्टनर पर कभी भी रेप का आरोप लगाकर उस व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज करा दे और वो व्यक्ति जेल चला जाए. इस तरह की घटना आए दिन किसी न किसी के साथ हो रही हैं. क्या यह ब्लैकमेलिंग के लिए नहीं इस्तेमाल हो रहा?’

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बीजेपी नेता ने कहा, ‘महिलाएं आम तौर पर किसी व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाने के लिए दो से चार लाख रुपये लेती हैं, फिर किसी दूसरे व्यक्ति को चुन लेती हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मैं स्वीकार करता हूं कि यह मनुष्यों की प्रकृति में है. लेकिन क्या महिलाएं परफेक्ट हैं? क्या इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है? इस वजह से किसी व्यक्ति का जीवन नष्ट हो जाता है.’

आपको बता दें कि इसमें भाजपा के सांसद और मंत्री एमजे अकबर का नाम भी आया है. अकबर के ऊपर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सवाल किया गया तो वो इस सवाल को टाल गयीं.

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