मनसे कार्यकर्ताओं ने नॉन-महाराष्ट्रियन के साथ की मारपीट; जानिये मामला

मुंबई: राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना(मनसे) के कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर नॉन-महाराष्ट्रियन युवाओं के साथ मार पीट की है. उत्तर भारत के लोगों को मुंबई में ना आने देने की बार बार धमकी दे चुकी महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना एक बार फिर बिहार और उत्तर प्रदेश से आये लोगों पर निशाना बना रही है.

सांगली के MIDC कुपवाड़ में मनसे कार्यकर्ताओं ने ये मांग की कि लोकल यूथ को पहले मौक़ा दिया जाए. मनसे के कार्यकर्ताओं ने जल्द ही अपनी बहस को हिंसा में बदल लिया और नॉन-महाराष्ट्रियन के साथ मात-पीट शुरू कर दी.

मनसे के नेता बार बार ये कहते रहे हैं कि महाराष्ट्र के युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती है और बाहर के युवा आकर नौकरी पा जाते हैं.मनसे का कहना है कि जो नौकरियां मराठी लोगों के लिए होनी चाहियें थीं उन पर बाहरी लोगों ने क़ब्ज़ा कर लिया. इसको लेकर कई बार राज ठाकरे भी बयान दे चुके हैं.

पिछले दो सालों में लेकिन मनसे कार्यकर्ता इस तरह की ख़बरों से बाहर थे लेकिन एक बार फिर ऐसी ख़बरें आना एक तरह से इशारा करता है कि पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी में है. मनसे ने पिछले दिनों अपने रवैये में कुछ बदलाव लाने की कोशिश की थी. मनसे के नेताओं को मगर लगता है कि उनकी पार्टी की कामयाबी मराठी लोगों की वजह से ही हो सकती है.

मनसे हालाँकि महाराष्ट्र में बहुत ख़ास नहीं कर सकी है लेकिन इसने शिव सेना को नुक़सान पहुंचाया है.एक समय में शिवसेना और भाजपा के गठबंधन में शिवसेना ज़्यादा मज़बूत होती थी. अब शिवसेना उसमें भी पीछे हो गयी है. शिवसेना और मनसे दोनों के वोटबैंक एक ही माने जाते हैं ऐसे में अगर मनसे मज़बूत होती है तो शिवसेना को कमज़ोर होने का ख़तरा रहेगा.

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