PM मोदी को हरियाणा और देश के किसानों से माफ़ी माँगनी चाहिए: कांग्रेस

October 10, 2018 by No Comments

रोहतक। यहाँ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के नेता सर छोटूराम की 64 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस के बारे पीएमओ के ट्वीटर अकाउंट से जानकारी भी साझा की गयी। लेकिन इस पोस्ट मे एक जूमला ऐसा था जिससे विवाद खड़ा हो गया है ।

दरअस्ल इस टवीट में चौधरी छोटूराम को जाटों का मसीहा बताया गया था । टवीट मे लिखा गया था कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे किसानों की आवाज, जाटो का मसीहा, रहबर-ए-आजम, दीनबंधु चौधरी छोटूराम जी की इतनी भव्य और विशाल प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला।

इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फ़ूट पड़ा। जाति विशेष से जोड़ने पर प्रधानमंत्री की जमकर आलोचना की गयी ।हालांकि विवाद बढ़ता देख पीएमओ की ओर से ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। लेकिन तब तक शायद देर हो चुकी थी ।विपक्ष को प्रधानमंत्री पर हमले करने का मोक़ा मिल चुका था।

टवीट आने के बाद कांग्रेस भी हमलावर हो गयी। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हूए कहा, अब पीएमओ ने अपना ट्वीट हटा लिया है । लेकिन जाति-धर्म के बंटवारे पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली अपनी मानसिकता को एक ट्वीट मिटा कर छुपा नहीं सकते। उन्होंने आगे कहा कि हर रोज आपके अन्याय से त्रस्त किसान अब जाति के जुमलों से नहीं बहकने वाला। उन्होंने प्रधानमंत्री से आहवान किया कि वह हरियाणा और देश के किसानों से माफी मांगें।


एक और ट्वीट में रणदीप सुरजेवाला ने सर छोटूराम को महान नेता और पूरे भारत के किसानों का मसीहा बताया। उन्होंने इस ट्वीट मे भी प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए लिखा कि आपने दीनबंधु रहबरे आजम सर छोटूराम को जाति के बंधन में बाँधने की कोशिश की है।यह आपकी संकीर्ण वोट बैंक राजनीति का जीता जागता सबूत है, जो जाति-धर्म के विभाजन से बाहर नहीं आती।

सुरजेवाला ने ट्वीट किया,”प्रधानमंत्रीजी! इस ट्वीट में आपने दीनबंधु रहबरे आजम सर छोटूराम को जाति के बंधन में बाँधने की कोशिश की है।यह आपकी संकीर्ण वोट बैंक राजनीति का जीता जागता सबूत है, जो जाति-धर्म के विभाजन से बाहर नहीं आती।सर छोटूराम महान नेता थे और पुरे भारत का किसान उन्हें अपना मसीहा मानता आया है।”

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