मोदी ने की मीडिया की तारीफ़, साथ ही दिए कुछ सुझाव

चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहाँ प्रेस की आज़ादी के सवाल पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि आज अखबार सिर्फ़ ख़बर ही नहीं देता, ये हमारी सोच को भी बदलने का काम करता है.

मोदी ने कहा कि एक अगर बड़े तौर पर देखा जाए तो मीडिया समाज को बदलने का एक तरीक़ा है. उन्होंने कहा कि इसीलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है. मोदी ने कहा कि अँगरेज़ सरकार जब भारत में थी तो वो वर्नाकुलर प्रेस से डरती थी और इसीलिए सन 1878 में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट लाया गया था. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओँ में छपने वाले अखबार आज भी बहुत महत्वपूर्ण हैं जैसे तब महत्वपूर्ण थे.

मोदी ने इसके अलावा कहा कि मीडिया को विश्वसनीयता क़ायम रखने के लिए अतिरिक्त कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मीडिया में हेल्थी कम्पटीशन ही लोकतंत्र के लिए भी हेल्थी है.

हालाँकि उन्होंने मीडिया को भी कहा कि उसे भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि एडिटोरियल की आज़ादी को पब्लिक इंटरेस्ट में अच्छी तरह से इस्तेमाल किया जाना चाहियें. उन्होंने कहा कि लिखने की आज़ादी का अर्थ ये नहीं है कि तथ्य ग़लत लिखने की आज़ादी है. उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी कहते थे कि प्रेस चौथा स्तम्भ है. ये एक शक्ति है लेकिन इस शक्ति का दुरूपयोग करना एक क्राइम है.

मोदी ने कहा कि अधिकार मीडिया डिबेट इस बात के इर्द गिर्द घूमती है कि राजनीति में क्या हुआ जबकि भारत राजनीतिज्ञों के अलावा भी बहुत कुछ है. उन्होंने कहा कि दूसरी फील्ड को भी मीडिया को तवज्जो देना चाहिए.

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