ज़ी-न्यूज़ के अन्दर सवाल बेचना और इंटरव्यू देना कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं है: जिग्नेश मेवाणी

January 21, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: दलित नेता और गुजरात की वडगाम विधानसभा से विधायक जिग्नेश मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर हमला बोला. उन्होंने कहा,”मोदी जी, ज़ी-न्यूज़ के बाहर पकौड़े बेचना कोई रोज़गार नहीं है और ना ही वो इंटरप्रेन्योर ही है लेकिन ये बेरोज़गार लोगों की मजबूरी है और ज़ी-न्यूज़ के अन्दर सवाल बेचना और इंटरव्यू देना कोई PC(प्रेस कांफ्रेंस) नहीं है लेकिन ये एक फ़ेल प्रधानमंत्री की कुर्सी को बचाने की कोशिश है.

मोदी ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में पकौड़े बेचने को रोज़गार का नाम दिया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये बहस तेज़ हो गयी है कि क्या इंसान पकौड़े ख़ुद से बेचता है या कोई मजबूरी में ऐसा करता है. इसी बारे में कई यूजर ने ट्वीट किया है. इस बारे में नीलेश नाम के यूजर कमेंट करते हैं,”According to @narendramodi Ji #pakode की दुकान लगा के १००-२०० कमा लेना रोज़गार है, और शायद वे इस काम के बदले भी रिटर्न फ़ाइल करवायें. सब ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन/ पीएचडी करके यही काम करने की हसरत रखते हैं..Hopeless statement #unemployment #ModiOnZeeNews”

असलम ख़ान इस बारे में ट्वीट करते हैं,”दौ करोड रोज़गार/हर साल को कर दो बाय बाय, GST और नोटबनदीं से बचने का एक उपाय, तलों पकोड़ा और बेचो चाय..” करण बंसल कहते हैं,”अब से पकोड़े तलने वाले सरकारी कर्मचारी कहलाएँगे ,क्यूँकी अब सरकारी रोज़गार स्कीम मैं आ रहे हैं|” सुधांशु आंबेडकर नाम के यूज़र कहते हैं,”Sudhir Chaudhary ईमानदार पत्रकार नही हुए तो क्या हुआ लेकिन बहुत अच्छे अदाकार है,मोदीजी ने उन्हें ईमानदार पत्रकार कह दिया लेकिन सुधीर ने अपनी हँसी रोक कर रखी,यही बड़े अदाकार की पहचान है”

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