क्या बादल सरकार ने किया था बड़ा घोटाला?; 65 हज़ार मुर्दों को मिलती है बुढ़ापा पेंशन

October 29, 2017 by No Comments

चंडीगढ़: पंजाब में सीनियर सिटीजन को मिली मिलने वाली पेंशन में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। दरअसल मामला कुछ यूं है कि पंजाब में मर चुके लोगों को भी बुढ़ापा पेंशन दी रही थी। ये घोटाला बादल सरकार के वक़्त से चल रहा है। राज्य में बुढ़ापा पेंशन के रूप में हर महीने 500 रुपये दिए जाते हैं। हाल ही में पंजाब सरकार ने कहा था कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। पंजाब सरकार खजाना खाली होने का हवाला दे रही है और कर्मचारियों को तनख्वाह और पेंशन देने के लिए धनराशि का इंतजाम करने में मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।

कर्मचारी आए दिन सड़कों पर उतर कर वेतन समय पर जारी करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, पंजाब सरकार 65,793 मृतकों के नाम फर्जी तरीके से सामाजिक सुरक्षा पेंशन (बुढ़ापा पेंशन) दे रही है। बुढ़ापा पेंशन मामले में मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद इसका खुलासा हुआ है। जिसके मुताबिक राज्‍य में 65 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों के नाम पर यह पेंशन ली जा रही थी। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि राज्य के 2,45,935 से ज्यादा बुढ़ापा पेंशन धारक फर्जी हैं और 65 हजार से ज्यादातर लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ की आय निर्धारित आय से ज्यादा है तो कईयों के पास लाखों रुपये की संपत्ति है।

इस फर्जीवाड़े से सरकार को अब तक 50 करोड़ रुपये का चूना लग चुका है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर फर्जीवाड़ा मालवा बेल्ट के जिलों में हुआ है जहां पर पूर्व बादल सरकार का दबदबा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि बादल सरकार ने अपना वोट बैंक सलामत रखने के लिए न केवल जवान लोगों को ही बुढ़ापा पेंशन दे दी, बल्कि अमीर और लाखों रुपये की संपत्ति रखने वाले लोग भी हर महीने पेंशन उड़ाते रहे। इस सारे फर्जीवाड़े पर अभी वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। अभी तक विभाग 19.80 लाख से पेंशनर्स में से दो लाख की ही फिजिकल वेरिफिकेशन कर पाया है।

ये काम अगले 6 महीनों तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और जिसके तहत अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये संख्या और बढ़ सकती है।
आपको बता दें की कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ही सामाजिक सुरक्षा विभाग को इस गड़बड़ी की जांच का जिम्मा सौंपा था। फाइनल रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि कितने मामले फर्जी हैं और सरकार आगे क्या कारवाई करेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *