मध्य प्रदेश: चुनाव से पहले भाजपा को लगा एक और झटका, रीवा के विधायक…

October 31, 2018 by No Comments

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की र-णभेरी बज चुकी है. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने एक दूसरे को कड़ी टक्कर देने के लिए कमर भी कस चुकी है. मगर चुनाव से पहले ही मध्य प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी का  सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा है. जहाँ अभी कुछ दिनों पहले ही रीवा के पूर्व विधायक पुष्पराज सिंह ने कांग्रेस का हाथ थामा था वही अब भाजपा के ही विधायक संजय शर्मा और पूर्व विधायक कमलापत आर्य भी मंगलवार को इन्दौर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गये. मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल गर्मा गया है. राजनीतिक दल एक तरफ मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के लिए जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में जुटे हैं और उम्मीदवारों की लिस्ट को फाइनल करने पर भी माथापच्ची चल रही है, तो दूसरी तरफ एक दल से दूसरे दल में शामिल होना भी सिलसिला जारी है।

मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. भाजपा विधायकों का कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर घोषणा की है कि नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा विधानसभा सीट से विधायक संजय शर्मा और दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक दोनों भाजपा छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में इन्दौर में आज कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये. कांग्रेस के मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता से पूछे जाने पर उन्होने शर्मा और आर्य के कांग्रेस में शामिल होने की पुष्टि की जबकि किरार के संबंध में उन्होने अधिक जानकारी देने से इंकार किया. मालूम हो कि शर्मा और आर्य भाजपा में आने से पहले कांग्रेस में ही थे. इसके बाद दोनों भाजपा में शामिल हो गये और भाजपा के टिकट पर विधायक भी बने और आज दोनों फिर अपने पुराने दल कांग्रेस में शामिल हो गये.

उधर खबरों की माने तो किरार समुदाय के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रिश्तेदार गुलाब सिंह किरार के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लेकर असमंजस की स्थिति रही. दिन में प्रदेश कांग्रेस ने अपने टि्वटर हैंडल पर फोटो के साथ ट्वीट करते हुए किरार के पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी. हालांकि बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया. मालूम हो कि किरार प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रिश्तेदार हैं और बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में आरोपी है. प्रदेश में भाजपा सरकार ने किरार को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्य बनाकर मंत्री पद का दर्जा भी दिया था और व्यापमं घोटाले में आरोपी बनने के बाद जुलाई 2015 में किरार को भाजपा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था.

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