निकाय चुनाव में पहली बार अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने जा रही बसपा, बनाई ये रणनीति..

उत्तर प्रदेश: लोकसभा चुनाव के बाद यूपी विधानसभा से भी करारी हार हासिल करने के बाद राजनीति के हाशिये पर आ चुकी बसपा इस बार निकाय चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने जा रही है। बसपा सुप्रीमों मायावती ने ऐलान किया है कि इस चुनाव में वो अपने भाई आनंद को भी राजनीति में लाएंगी। पूरे प्रदेश में मायावती अपनी पार्टी की जिम्मेदारी को अकेले संभाल रही हैं। चुनाव के मद्देनजर मायावती की मौजूदगी में बसपा की इस अहम बैठक में हुई। जिसमें उनके भाई आनंद को आगामी निकाय चुनाव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इस बैठक में उन्होंने उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा की। जिसमें पार्टी नेताओं को ये जिम्मेदारी सौंपी कि उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार कर इसे जल्द ही जारी किया जाये। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पहली बार अपने सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ेगी। बसपा निकाय चुनाव में किसी पार्टी से कोई तालमेल नहीं करेगी और सभी सीट पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी। अपने भाई आनंद और बड़े नेताओं के साथ निकाय चुनाव की रणनीति तैयार की। मायावती नेताओं के नाम का खुलासा जल्द ही करने वाली हैं। एक सवाल के जवाब में मायावती ने जवाब देते हुआ कहा है कि वो निकाय चुनाव में कांग्रेस या समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने वाली हैं।

गौरतलब है कि राज्य निवार्चन आयोग ने यूपी निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। राज्य में तीन चरणों में मतदान की घोषणा की थी। पहले चरण का मतदान 22 नवम्बर को होगा। राज्य में 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायत में चुनाव होंगे। चुनाव कार्यक्रम के तहत 1 नवंबर से नगर निगम, नगर पंचायतों में पर्चे दाखिल होंगे और 31 दिसंबर को हर जिले के डीएम सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे। मेयर के लिए नगर निगम मुख्यालयों पर पर्चा दाखिल होगा, जबकि नगर निगम में जोनवार पार्षदों का नामांकन दाखिल होगा।

प्रदेश सरकार द्वारा निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है, इसलिए प्रशासन भी हरकत में आ गया है। निर्वाचन आयोग के आदेशों का पालन करते हुए सभी राजनीतिक दलों की होल्डिंग उतारने का काम शुरू कर दिया गया है।

 

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