मीम को टक्कर देने निकले नेता को भारी पड़ा ओवैसी का ये दाँव

November 13, 2018 by No Comments

हैदराबाद: राजनीति में मुक़ाबला सिर्फ़ वोटिंग वाले दिन नहीं होता बल्कि हर लम्हे पर एक तरह का मुक़ाबला चल रहा होता है. चुनावी दौर में जीत तब भी हो जाती है जब आपका चुनाव से पहले पत्ता फ़िट बैठे. इस बारे में आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन होशियार पार्टी मानी जाती है.एक बार फिर असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी ने एक ऐसी चतुराई दिखाई है कि विरोधी भी सकते में आ जाएँ. मामला नामपल्ली विधानसभा क्षेत्र का है.टीआरएस ने हैदराबाद शहर की नामपल्ली विधानसभा सीट से अचानक अपने उम्मीदवार का नाम बदल दिया. दो महीने से पार्टी के प्रचार में जुटे आनंद कुमार गौड़ को बड़ा झटका लगा है. असल में कहा जा रहा है कि ये ओवैसी के कहने पर केसीआर ने किया है.

नामपल्ली निर्वाचन क्षेत्र में लगातार प्रचार करके ओवैसी की पार्टी को टक्कर देने की सोच रहे गौड़ को तब बड़ा झटका लगा जब उन्हें पता चला कि टीआरएस ने उन्हें नहीं बल्कि किसी और आनंद गौड़ को प्रत्याशी बनाया है.ग़ौरतलब है कि टीआरएस सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव ने पार्टी द्वारा इससे पूर्व घोषित 107 उम्मीदवारों में से 106 उम्मीदवारों में गत रविवार को बी.फार्म वितरित किए, लेकिन आनंद कुमार गौड़ को बी फार्म नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक़ टीआरएस ने ऐसा अपनी सहयोगी पार्टी एआईएमआईएम के कहने पर किया है और आनंद कुमार गौड़ का बीफॉर्म रुकवा दिया है. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि नामपल्ली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए घोषित उम्मीदवार आनंद कुमार गौड़ वह नहीं है, जो पिछले दो महीने से पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि घोषित उम्मीदवार का नाम सी.एच. आनंद गौड़ है। टीआरएस के मुताबिक आनंद कुमार गौड़ गलती से चुनाव प्रचार में उतर गए और इसीलिए उनका बी. फार्म रोक दिया गया है।

इस बीच, बी.फार्म नहीं मिलने से हैरान आनंद कुमार गौड़ का कहना है कि अगर वास्तव में पार्टी ने उनका नाम का ऐलान नहीं है, तो पिछले दो महीने तक वह क्यों चुप रही और जिन्हें असली उम्मीदवार बताया जा रहा है, उन्होंने अभी तक चुनाव प्रचार क्यों शुरू नहीं किया। उन्होंने कहा कि दो महीने बाद अचानक उनका नाम हटाने के पीछे कोई न कोई खास वजह है। आपको बता दें कि आनंद गौड़ इससे पहले जामबाग डिवीजन से चुनाव लड़कर सिर्फ पांच वोट से हार गये थे। यही नहीं, पिछले दिनों कार्यवाहक मंत्री ने एक कार्यक्रम में यह भी कहा था कि एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कहने पर उन्होंने जामबाग की सीट छोड़ दी है, वरना वहां टीआरएस की जीत हुई होती। नामों को लेकर हुई इस गलतफहमी को लेकर आनंद कुमार गौड़ के समर्थकों का कहना है कि टीआरएस ने केवल एमआईएम के कहने पर दो महीने बाद अचानक उम्मीदवार का नाम बदला है।

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