रोता हुआ आदमी नोटबंदी का विरोधी नहीं समर्थक था !

नई दिल्ली: बीते साल केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के बाद बैंक और एटीएम के आगे लोगों की लंबी कतारें आम बात हो गई थी। आज नोटबंदी को पूरा एक साल हो गया है। नोटबंदी के दौरान लाइन में लगे एक शख्स की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गई थी। ये शख्स घटों तक पैसे निकलवाने के लिए लाइन में लगा रहा, लेकिन एक वक़्त पर आकर उनकी हिम्मत ने जवाब दे दिया। वे नोटबंदी से परेशान होकर रोने लगे। उनकी ये तस्वीर नोटबंदी से हो रही परेशानियों का एक दर्पण बन गई। नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर विपक्ष ने कालदिवस मनाया।
इस मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उसी रोते हुए आदमी की फोटो को शेयर बीजेपी पर निशाना साधा। जिस फोटो को शेयर कर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उस तस्वीर के साथ राहुल ने लिखा था कि एक आंसू भी हुकूमत के लिए खतरा है, तुमने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना।
वहीँ बीजेपी ने राहुल के इस बयान पर पलटवार करते हुए इस शख्स को मोदी समर्थक बताया है। इस शख्स का नाम नंद लाल है, जोकि गुड़गांव में किराये के एक छोटे से कमरे में गुजर-बसर कर रहे हैं। 80 साल के नंद लाल आर्मी से रिटायर हैं।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने नोटबंदी का विरोध करने के लिए नंद लाल की तस्वीर पोस्ट की। लेकिन उन्होंने नोटबंदी का समर्थन किया था। नंद लाल का वह बयान रिकॉर्ड है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह मोदी जी को सपोर्ट करते हैं।
नंद लाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि नोटबंदी से नुकसान नहीं फायदा हुआ क्योंकि पहले आतंकवादियों ने आतंक मचा रखा था। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रवादी हैं और सरकार के हर कदम का समर्थन करते हैं। वो आर्मी में 20 साल रहे हैं और सरकार के हर फैसले को मानेंगे। क्यूंकि सरकार जो भी करती है वो देश के अच्छे के लिए करती है।
गौरतलब है कि बीजेपी इस कोशिश में है कि जनता के बीच ये सन्देश जाए कि नोटबंदी से देश को फ़ायदा हुआ है। इसे साबित करने के लिए बीजेपी आज देश में ‘एंटी ब्लैक मनी डे’ मन रही है।

 

 

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