निकहत ज़रीन को तेलंगाना सरकार ने दिए 2 करोड़ रुपये, हैदराबाद की सबसे महंगी कॉलोनी में होगा मकान…

भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली मुक्केबाज निकहत ज़रीन को तेलंगाना सरकार ने दो करोड़ रुपये देने का एलान किया है। बता दें कि इस भारतीय मुक्केबाज़ निकहत ज़रीन ने हाल ही में तुर्की में आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 12 वें संस्करण में स्वर्ण पदक जीतकर रिकॉर्ड बुक में अपनी जगह बनाई है। निकहत के पिता जमील अहमद ने सरकार की ओर से निकहत को आर्थिक मदद और प्लॉट देने की घोषणा के बाद राज्य सरकार की तारीफ की है।

इस अवसर को उनके जीवन का सबसे खुशी का दिन बताते हुए, जमील अहमद ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) को धन्यवाद दिया है। जमील अहमद ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मुझे बहुत खुशी हो रही है कि हमारे तेलंगाना के सीएम केसीआर सर ने दो करोड़ रुपये नकद पुरस्कार और निवास के लिए एक प्लॉट की घोषणा की है। मैं केसीआर सर को धन्यवाद देता हूं।”

बता दें कि तेलंगाना सरकार ने नकद पुरस्कार के अलावा बंजारा हिल्स/जुबली हिल्स में निकहत को आवासीय प्लॉट भी आवंटित किया है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य सरकार ने 2014 में निकहत की आर्थिक सहायता की थी।

उन्होंने कहा, “निकहत 2014 में दी गई आर्थिक सहायता ने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। आज हमारे लिए एक और महत्वपूर्ण मौक़ा है, हम 2 करोड़ रुपये आर्थिक सहायता के साथ-साथ किराए के घर में रह रहे निकहत के परिवार को एक एक प्लॉट ने हमें पहले से कहीं ज्यादा खुश कर दिया है।”

उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलने दें ताकि वे देश का नाम रौशन करें। जमील अहमद ने कहा कि “मैं लोगों से अपील करता हूं आगे आएं और अपने बच्चों खेलने दें, ताकि वे वे तेलंगाना और भारत में नाम रोशन करें। मुझे उम्मीद है कि केसीआर सर हमारा समर्थन करना जारी रखेंगे, मैं तहे दिल से धन्यवाद करता हूं।”

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बुधवार को विश्व मुक्केबाजी चैंपियन निकहत जरीन को दो करोड़ रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की थी। निजामाबाद (तेलंगाना) में जन्मी मुक्केबाज निकहत ज़रीन छह बार की चैंपियन मैरी कॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006) के बाद विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली एकमात्र पांचवीं भारतीय महिला बनीं) जेनी आरएल (2006) और लेख केसी (2006), 2018 में बॉक्सिंग मैरी कॉम के जीतने के बाद से भारत का पहला स्वर्ण पदक भी था।