एक इस्तीफ़े से हिली अमरीकी सियासत, ईरान को हो सकता है बड़ा फ़ायदा

October 10, 2018 by No Comments

अमरीका की संयुक्त राष्ट्र में एम्बेसडर निकी हैली ने इस्तीफ़ा दे दिया है. हैली अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की क़रीबी हैं. अब इस बारे में भी चर्चा शुरू हो गयी है कि उनके इस्तीफ़े का असर पश्चिमी एशिया की राजनीति पर क्या पड़ेगा. असल में हैली इजराइल की बड़ी समर्थक रही हैं. पिछले कुछ दिनों में देखा जाए तो अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी रणनीति इन देशों के प्रति बदली है.

कुछ लोग मान रहे हैं कि सऊदी अरब और दूसरे अरब देशों से अमरीका अब अपने सम्बन्ध और बेहतर करना चाहता है वहीं कई जानकार ये भी मान रहे हैं कि हैली का इस्तीफ़ा इस बात का संकेत है कि जिस तरह ट्रम्प ने उत्तरी कोरिया से दोस्ती कर ली, अब वो ईरान से भी दोस्ती करेंगे.

हैली का इस्तीफ़ा इस बारे में भी महत्वपूर्ण हैं कि उन्होंने साफ़ कर दिया है कि वो 2020 के चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी. ऐसा माना जा रहा है कि वो डोनाल्ड ट्रम्प पर लगे सेक्सुअल हर्रस्मेंट के केसेस पर ट्रम्प के साथ नहीं थीं. उनका मानना रहा है कि इन सभी केसेस की जाँच होनी चाहिए. दूसरी ओर

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने मित्र देशों से सुरक्षा के लिए पैसे मांगने की कोशिश की है. ट्रम्प ने चुनावी रैली में कहा कि जापान, सऊदी अरब जैसे देश बहुत अमीर हैं और इनकी सुरक्षा अमरीका फ़्री में करता है. उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब बिना अमरीकी सुरक्षा के दो हफ़्ते में ख़त्म हो जाएगा.ट्रम्प ने कहा कि ये ऐसे देश हैं जो पैसे दे सकते हैं.

ट्रम्प के बयान पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा करने में सक्षम है और अपनी सुरक्षा के लिए वो कोई पैसा देने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि जो हथियार हम अमरीका से लेते हैं वो तो अपने आप में पैसे देकर ही ख़रीदे जाते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि जब अमरीका नहीं था तब भी सऊदी अरब था.

ट्रम्प की बदलती विदेश नीति जानकारों को सोचने पर मजबूर कर रही है. हालाँकि अभी ये साफ़ नहीं है लेकिन ऐसा मुमकिन है कि अमरीका ने इसीलिए निकी हैली से इस्तीफ़ा माँगा हो क्यूंकि अब वो अरब देशों से दोस्ती करना चाहता है और निकी हैली इजराइल की क़रीबी थीं.

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