नीतीश को है डर कि कहीं उन्हीं के विधायक उन्हें छोड़ ना दें, क्या इसीलिए उन्हें बंद कर रख है?

पटना: बिहार की सियासत में यूं तो भूचाल नीतीश कुमार ही लाये हैं लेकिन उन्हें मालूम है कि राजद बिहार की सबसे मज़बूत पार्टी है. असल में उनको डर इस बात का है कि जिन विधायकों के दम पर वो फिर से भाजपा का हाथ थामने चले हैं कहीं वहीं बिदक ना जाएँ.

अंदरूनी सूत्रों की माने तो कम से कम 21 ऐसे विधायक हैं जिन पर जदयू को शक है कि वे टूट सकते हैं. शायद इसीलिए जदयू अपने सभी विधायकों को कहीं छुपा कर रखे है.

तेजश्वी यादव और लालू यादव दोनों उनसे ये सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को बंद क्यूँ कर रखा है

बिहार की 243 सीटों में से जिसके खाते में भी 122 सीटों का समर्थन होगा उसका नेता मुख्यमंत्री बनेगा. ऐसे में राजद+कांग्रेस+सीपीआई(एम्एल) मिला कर 110 सीटों पर हैं जो जादुई आंकड़े से महज़ 12 सीटों की दूरी पर है और अगर वाक़ई ये विधायक टूट जाते हैं तो नीतीश कुमार को अपनी ही चाल उलटी पड़ सकती है. हालाँकि इसको लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगा. फ़िलहाल नीतीश की जदयू को भाजपा का समर्थन मिल जाने से उनका आंकड़ा 124 पर है, और अगर NDA के बाक़ी घटक भी उनका समर्थन करते हैं तो उनका आंकड़ा 129 पहुँच जाएगा. इस आंकड़े में तो ऐसा लगता है कि जदयू सरकार बना पाएगी लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है.

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