रफ़ी साहब की गायकी का आज कोई सानी नज़र नहीं आता: आफ़ताब क़ादरी

December 24, 2017 by No Comments

महान पार्श्व गायक मुहम्मद रफ़ी साहब के जन्मदिन के मौक़े पर हमने उनके बारे में कई लोगों से बात की. हमने अलग-अलग फील्ड के लोगों से रफ़ी साहब और उनकी गायकी के बारे में चर्चा करने की कोशिश की. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी क़व्वाली से नाम कमा चुके आफ़ताब क़ादरी से हमने बात की. क़ादरी इंदौर से ताल्लुक़ रखते हैं. आफ़ताब रफ़ी साहब के बड़े प्रशंसक हैं और ये मानते हैं कि उनके जैसा गायक दुबारा आना नामुमकिन सा है.

उन्होंने निदा फ़ाज़ली साहब के एक शेर को याद करते हुए कहा,”कभी किसी को मुक़म्मल जहाँ नहीं मिलता, कभी ज़मीं तो कभी आसमाँ नहीं मिलता” निदा फ़ाज़ली साहब के इस सच्चे शेर को झूठा साबित कर दिया रफ़ी साहब की शख्सियत ने.. रफ़ी साहब ने ज़मीन से आसमान की बुलंदियों को बिना पर के ना सिर्फ़ हासिल किया बल्कि उस आसमान पर उनका राज आज तक क़ायम है.”

बांग्लादेश, दुबई, साउथ अफ्रीका में अपनी क़व्वाली सुना चुके क़ादरी ने आगे कहा,”रफ़ी साहब की सादगी, साफ़गोई, और उन की गायकी का आज भी कोई सानी नज़र नहीं आता…सुर और राग जैसे उन के सामने दस्तबस्ता ख़ुदा रहते थे.. मुस्कुराते हुए किसी भी सुर को छेड़ देना ये रफ़ी साहब का ही कमाल है.. फ़िल्म इंडस्ट्री में यूँ तो कई गायक मंज़र ए आम पर हैं लेकिन मुहम्मद रफ़ी का सानी मिल पाना शायद नामुमकिन सा है.. दुनिया कहती है कि रफ़ी साहब दुनिया से रुख़सत हो गए पर मेरा ये यक़ीन है कि रफ़ी साहब मेरे दिल की गहराइयों में जब तक मेरी साँसें हैं तब तक ज़िन्दा हैं.. रफ़ी साहब ज़िन्दाबाद!”

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