नोटबंदी और GST की मार? व्यापारियों ने दशहरा मनाने से किया इनकार..

जहाँ एक ओर केंद्र सरकार नोटबंदी और GST को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है वहीँ इसकी वजह से होने वाली परेशानी बार बार सामने आ रही है. त्योहारों के मौक़े पर बाज़ार में फीकी रौनक से व्यापारियों में निराशा है. दिल्ली के सदर बाज़ार में स्थिति इस क़दर निराशाजनक है कि व्यापारियों ने दशहरा मनाने से इनकार कर दिया है.

व्यापारियों का कहना है कि उनके पास कोई वजह नहीं है कि वे त्यौहार मनाएं. देश में जहाँ रावण दहन की तैयारी है और भगवान् राम की बुराई पर जीत की चर्चा है वहीँ व्यापारी ख़ुश नहीं हैं.

व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी और GST ने व्यापार की पूरी तरह से कमर तोड़ दी है. पिछले साल नवम्बर में आयी नोटबंदी से व्यापार अभी चलना शुरू भी नहीं किया था कि GST लागू हो गयी.

दिल्ली के सदर बाज़ार में लोग ख़रीदारी करने बहुत कम संख्या में आ रहे हैं जबकि त्योहारों के मौक़े पर यहाँ पाँव रखने की जगह नहीं होती थी. सदर बाजार ट्रेडर्स संघ के उपाध्यक्ष एचएस छाबड़ा निराशा जताते हुए कहते हैं कि हर वर्ष सदर बाज़ार में चौक पर दशहरा मनाया जाता था लेकिन इस बार व्यापारी उदास हैं, कोई ख़ुशी नहीं है.

मंदी की मार इस क़दर है कि भगवान् की मूर्तियों का बिकना भी इस साल कम रहा. सदर बाज़ार का क़ुतुब रोड बाज़ार धार्मिक सामान की बिक्री के लिए जाना जाता है. व्यापारियों का कहना है कि इस साल यहाँ कम रौनक है. भगवान् गणेश, देवी लक्ष्मी और देवी दुर्गा माता तक की तस्वीरें और मूर्तियों की बिक्री में भारी कमी है.

नोटबंदी और GST लागू करने के तरीक़ों को लेकर केंद्र सरकार की लगातार आलोचना हो रही है. हालाँकि सरकार ने दावा किया है कि ये परेशानियाँ कम समय की हैं और इससे जो फ़ायदा होगा वो बड़ा होगा.

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