गठबंधन से बाहर आने को लेकर भाजपा सहयोगी का बड़ा बयान-‘मैं जब ग़रीब का सवाल उठाता हूँ, वो हिन्दू-मुस्लिम करते हैं’

October 28, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है वैसे-वैसे गठबंधन टूटने और बन्ने की बात हो रही है. इस समय भाजपा के लिए मुश्किल हो गयी है कि इसके गठबंधन के साथी अब भाजपा से नाराज़ दिख रहे हैं. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी नाराज़गी एक बार फिर भाजपा से ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा कि वह सत्ता का स्वाद चखने नहीं बल्कि, ग़रीबों के लिए लड़ाई लड़ने आये हैं .

राजभर ने पार्टी के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘गुलामी छोडो, समाज जोडो’ रैली के दौरान कहा,”मैं सत्ता का स्वाद चखने के लिए नहीं आया हूं . गरीबों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए आया हूं . ये लड़ाई लडूं या भाजपा का गुलाम बनकर रहूं?” उन्होंने आगे कहा, ‘एक कार्यालय आज तक नहीं दिया . मैंने तो मन बनाया है कि आज इस मंच से मैं घोषणा करूंगा,आज मैं इस्तीफा देकर रहूंगा .’

राजभर ने इस बात पर भी नाराज़गी जतायी कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने सपा के बाग़ी नेता शिवपाल सिंह यादव को सरकारी बँगला आवंटित कर दिया. राजभर भाजपा की आलोचना करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं. उन्होंने कहा,”मेरा मन टूट गया है . ये हिस्सा देना नहीं चाहते . जब भी गरीब के सवाल पर हिस्से की बात करता हूं तो ये मंदिर की बात करते हैं, मस्जिद की बात करते हैं . हिंदू-मुसलमान की बात करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा चाहते हैं . मंदिर या मस्जिद नहीं.”

राजभर कहते हैं कि भाजपा ने कहा था कि वह पिछड़ी जाति के आरक्षण का बंटवारा करेगी. पिछडे, अति पिछडे और सर्वाधिक पिछडे़ सभी जातियों की भागीदारी तय करेगी. उन्होंने कहा परन्तु ऐसा नहीं किया गया. राजभर ने कहा कि इस मुद्दे पर ६ महीने पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भरोसा जताया कि वो जल्द ही इस बारे में कारगर क़दम उठाएँगे पर ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड में विभाजित करने की भी मांग की. साथ ही शराबबंदी की मांग उठायी. ‘जब बिहार जैसे पडोसी राज्य ऐसा कर सकते हैं तो उत्तर प्रदेश क्यों नहीं .’

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