फिर विवाद में आया चुनाव आयोग; कांग्रेस ने BJP और मोदी पर भी लगाया आरोप

चुनाव आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश चुनाव के साथ गुजरात चुनाव की तारीख़ ना घोषित करना विपक्षी पार्टियों को पसंद नहीं आ रहा है. चुनाव आयोग से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि एक ओर आप कहते हैं कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हों और दूसरी ओर दो राज्यों में लगभग एकसाथ होने वाले चुनाव में भी तारीख़ें एक साथ जारी नहीं की गयीं. इसको लेकर जो आयोग ने दलील दी है वो भी कोई बहुत मज़बूत नहीं है. आयोग ने बताया कि बाढ़ राहत कार्यों का काम ना रुके, इसके लिए गुजरात सरकार ने अपील की है कि आयोग उन्हें कुछ समय दे.

इस बारे में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा,”क्या गुजरात के चुनाव घोषित ना करने का कारण ये है कि प्रधानमंत्री वहाँ 16 तारीख़ को जा रहे हैं, अगर प्रधानमंत्री चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद जाते तो फिर वो एक कैम्पेनर की हैसियत से जाते और अपने लोकलुभावन और जुमलेबाज़ी भरे वायदे वहाँ लागू ना कर पाते.”

उन्होंने कहा,”एक बात जान लें मोदी जी आप कितनी भी कोशिश करें परन्तु गुजरात के लोग मन बना चुके हैं और वो भाजपा को हराएंगे.”

सुरजेवाला ने आयोग से जवाब माँगा और कहा,”सवाल ये है कि क्या चुनाव आयोग इस प्रकार से दबाव में आ सकता है, क्या ये सही परिपाठी है संविधान की..चुनाव आयोग को भी देश की जनता को इस बारे में व्यापक जवाब देने की आव्य्श्यकता है.”

रणदीप ने एक ट्विटर मेसेज के ज़रिये कहा,”मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग पर दबाव डाल कर गुजरात चुनाव को मुल्तवी करना चाहते हैं, कारण बड़ा सीधा है जिस प्रकार से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी जी और कांग्रेस पार्टी ने 22 साल की भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर किया. जिस प्रकार से गुजरात की जनता भाजपा का तख़्ता पलटने के लिए तत्पर हैं इसलिए आख़िरी मिनट पर वोटरों को प्रलोभन देकर वो उन्हें रिझाना चाहती है.”

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