नोटबंदी के विरोध में विपक्ष 8 नवंबर को मनायेगा काला दिवस:कांग्रेस

नई दिल्ली: आपको याद होगा कि बीते साल 8 नवंबर को केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने देश में पुराने 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया था। जिसके लिए सरकार को विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसी संदर्भ में नोटबंदी को ‘‘सदी का सबसे बड़ा घोटाला’’ करार देते हुए कांग्रेस ने नोटबंदी का एक साल पूरे होने पर आठ नवंबर को ‘‘काला दिवस’’ मनाने और देश भर में विरोध-प्रदर्शन किये जाने का ऐलान किया है। विपक्ष का दावा है कि नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था और नौकरियों को नुकसान पहुंचा है। मोदी सरकार ने नोटबंदी के वक्त दावा किया था कि इससे काला धन खत्म होगा, नकली नोट, भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर लगाम लगेगी।

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष ने नोटबंदी के फैसले के कारण अर्थव्यवस्था की हालत बुरी होने, बेरोजगारी बढ़ने और जीडीपी कम होने की आशंका जताई थी। उनके मुताबिक, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के कारण जीडीपी में 2 प्रतिशत कमी आने की बात कही थी, वह पूरी तरह सही साबित हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नोटबंदी के कारण 120 लोग मारे गये जबकि अनाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इनकी संख्या 300-400 है।

नोटबंदी के बाद हले महीने सरकार को 135 बार नियमों में चेंज करना पड़ा, क्योंकि पीएम मोदी ने ये फैसला बिना सोचे-समझे लिया था।जिसपर विपक्ष ने कई सवाल खड़े किये। लेकिन उनकी तरफ से जो सवाल खड़े किए गए उनका सरकर ने जवाब नहीं दिया। आजाद ने बताया है कि कांग्रेस के साथ, 8 नवंबर को 18 विपक्षी दल अपने अपने क्षेत्रों में नोटबंदी के फैसले का विरोध करेंगे। आजाद के साथ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन और जेडीयू के शरद यादव भी मौजूद थे।
डेरेक ओब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो पिछले साल आठ नवंबर को ही नोटबंदी का विरोध किया था। जिसका सरकार ने आज तक उनमें से किसी का भी जवाब नहीं दिया।

 

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