साल 2017: साल के अंत में ओवैसी इन दो बयानों से हुए सुपर हिट

आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी आम तौर पर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. अक्सर तो उनके बयान ऐसे होते हैं जिसको लेकर टीवी चैनल डिबेट करने लग जाते हैं और उनके पक्ष-विपक्ष की बात होने लगती है. इस बार लेकिन हम जिस बयान की चर्चा करने जा रहे हैं वो साल 2017 के आख़िर में दिया गया बयान है. उन्होंने ये बयान ट्रिपल तलाक़ बिल के दौरान हो रही लोकसभा बहस में दिया.

ओवैसी ने बहस के दौरान कहा कि देश में ऐसी बीस लाख महिलायें हैं जो ग़ैर-मुस्लिम हैं और उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया है. उन्होंने इसके आगे कहा कि गुजरात में हमारी एक भाभी हैं, उन्हें भी इंसाफ़ मिलना चाहिए. 2017 के अंत में ही उनका एक और बयान ख़ास चर्चा में आया. ये बयान उन्होंने संसद में नहीं बल्कि पब्लिक के बीच दिया था.

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के मामले में कहा,”पाकिस्तान अगर वाक़ई में अपने आप को इस्लामी मुल्क कहता है तो पाकिस्तान को बताना पड़ेगा कि इस्लाम में रहम किसको बोलते हैं..अगर पाकिस्तान इस्लामी मुल्क है तो पाकिस्तान को बताना पड़ेगा किए अल्लाह के रसूल(सल्लालाहू अलैह वसल्लम) ने उन तमाम कैदियों को माफ किया, अगर पाकिस्तान इस्लामिक मुल्क है तो पाकिस्तान को मिसाल पेश करनी पड़ेगी कि जब अल्लाह के रसूल(सल्लालाहू अलैह वसल्लम) के सामने वो ख़ातून आयी जिसने रसूल(सल्लालाहू अलैह वसल्लम) के चचा हजरत हमज़ा का कलेजा काट दिया तो रसूललल्लाह(सल्लालाहू अलैह वसल्लम) ने उसकी तरफ निगाहें नहीं कीं, बल्कि कहा जा आज मैं तुझे माf करता हूँ.”साल के अंत में उनके ये दो बयान सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हुए.

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