ओवैसी ने फिर की ईमानदारी की बात- ‘SC में आस्था,भावना नहीं चलते…इंसाफ़ चलता है’

November 3, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्ह्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी एक ऐसे नेता हैं जो संविधान और क़ानून को आधार मान कर ही बात कहते हैं. उनकी बात किसी को पसंद आये या नहीं लेकिन उनकी बात ईमानदारी की होती है. 2019 के आम चुनावों की दस्तक से महज कुछ महीने पहले अयोध्या विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर आरएएस ने विवादित बयान दिया है। इस पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट किया,  ‘सुप्रीम कोर्ट हिंदू भावनाओं के आधार पर फैसला नहीं दे सकता है। संघ अब भी इस बात से इनकार कर रहा है कि देश में कोई संविधान है। यहां आस्था, भावना नहीं बल्कि इंसाफ ही चलता है।’ 

दरअसल राम मंदिर निर्माण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बयान दिया है, कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करने के लिए तैयार है, वहीं सुप्रीम कोर्ट को भी हिंदू भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।ओवैसी के अलावा कांग्रेस ने भी संघ के बयान पर जवाब दिया. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि इन लोगों ने हिंदुओं की भावनाओं का ठेका नहीं ले रखा है, संघ और बीजेपी अपनी विफलताओं का ठीकरा सुप्रीम कोर्ट पर ना थोपे.

कांग्रेस नेता ने कहा कि कोर्ट की एक प्रक्रिया होती है. वह किस फैसले की राह देख रहे हैं, जब अभी तो सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है. संघ और बीजेपी लोगों को झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कोर्ट को धमकाया था.बता दें कि मुंबई में पिछले तीन दिन से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बैठक शुक्रवार को खत्म हुई. बैठक के खत्म होने के बाद संघ के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि अगर जरुरत पड़ेगी तो हम एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करेंगे. जिस पर पूरा मामला एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।

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