पाकिस्तान से लौटे हामिद ने सुनाई दर्दनाक कहानी, सुनकर रो पड़ेंगे…

December 22, 2018 by No Comments

हेलो दोस्तों आज हम बात करेंगे पाकिस्तान से वापस आने वाले हामिद के बारे ने ।हामिद ने सुनाई अपनी दर्द भरी कहानी जिसे सुनकर आप सभी दर्द से रो पड़ेंगे।आइये आपको बताते हैं कि जब हमने हामिद से कुछ सवाल किए तो उन्होंने क्या जवाब दिए. हमने हामिद से पूछा कि आपको कैसा लगा जब आप पाकिस्तान से वापस आए और जब आपने हिंदुस्तान में पहला कदम रखा?
इस पर हामिद ने जवाब दिया कि जब मैं अभी पाकिस्तान की सरजमीं पर ही था लेकिन वागा के गेट पर था तभी मैंने अपने मां बाप को देख लिया था ।जब वह अंदर दाखिल हो रहे थे तब मैं उनको देख रहा था। पूरे 6 साल के बाद मैंने अपने मां बाप को देखा। मैं उस लमहे को अपने शब्दों में बयान नहीं कर सकता हूं.

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जैसे ही मैंने अपने मुल्क और मुल्क की मिट्टी पर पहला कदम रखा तब मुझे महसूस हुआ कि मैं अब घर पहुंच चुका हूं यह एक अजीब सा सुकून था मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं था कि मैं दिल्ली में हूं या मुंबई में हूं या अमृतसर में हूं बात बस यह थी कि मैं हिंदुस्तान में हूं। उसके बाद मैं और मेरे घर वालों के दिल में अजीब सी आवाज उठी और हमने अपनी धरती मां को चूम लिया.
हमने हालत से पूछा कि आप में अपनी मां को देखा तो ऐसा लगा उनकी आंखें तो अभी भी भरी हुई है क्या कहना चाहेंगे आप? हामिद- मेरी मां को तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि मैं वापस आ गया हूं 6 साल का एक वक्त होता है। शायद मैं अपनी मां के जज्बात नहीं समझ सकता हूं.
हमने हामिद की मां और जिया जी से पूछा की आप अपने बेटे से कितने दिन दूर रहे? हामिद की मां(रोते हुए)-2232 दिन तक मैं अपने बेटे से दूर रही ऐसा एक भी दिल नहीं कहा जब मैंने अपने बेटे को याद नहीं किया मेरा हर दिन उसके बगैर रोते हुए गुजरा। एक दिन बहुत ही भारी था एक-एक रातें मैंने जागकर गुजारी। मैं कैलेंडर पर दिन कटती हुई गुज़रती थी। और जैसा कि मेरा भरोसा था जैसे ही कैलेंडर की गिनती खत्म हुई वह वापस आ गया.

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हमने हामिद की मां से पूछा कि क्या आपको भरोसा था कि आपका बेटा वापस आएगा या नहीं? हामिद की माँ- हां मुझे पूरा भरोसा था कि मेरा बेटा वापस आएगा मुझे मेरे रब और भारत सरकार पर पूरा भरोसा था कि वो मुझे मेरा बेटा लौटा देंगे। मुझे अपने देश की मीडिया पर भरोसा था जो हमारी आवाज बने और पाकिस्तान में बैठे कुछ लोगों पर भी भरोसा था जिन्होंने फरिश्ते की तरह हमारी मदद की.

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