पांच राज्यों में भाजपा की करारी हार के बाद देखिए "मोदी के सियासी बोल" पर अभिसार शर्मा की रिपोर्ट

December 16, 2018 by No Comments

हेलो दोस्तो जब सत्ता की ताकत के आगे सवाल कमजोर पड़ जाए तो आवाज को बुलंद करना पड़ता है” बोल की लब आज़ाद हैं तेरे”। बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे ,बोल ज़ूबा अब तक तेरी है, विडंबना यह है कि जब हमारे बोल बिगड़ने लगे तो सबसे पहले हमारे बोलने की आजादी पर ही अंकुश लगाया जाता है आज हम आपके सामने दो विषय लेकर आए हैं और यह दोनों विषय ही एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.
सबसे पहले तो आप यह जानिए कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की किस तरीके से बेइज्जती की, यहां तक की विधवाओं का अपमान किया” कांग्रेस कि कौन सी वो विधवा के अकाउंट में पैसा जाता था” यह है हमारे आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के बोल। जिस तरीके से सड़कों पर नारे लगाए गए, जो जहर अब तक टेलीविजन स्टूडियो में था जो अब तक हमारे पर्सनल स्पेस में था वह अब सड़कों पर उतर कर आने लगा है.

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नारे में लोग कह रहे हैं कि “जामा मस्जिद तोड़ दो”। आखिर इन दोनों बातों के बीच वित्त क्या है सिर्फ पत्रकारों में ही नहीं कई एक्सपर्ट्स में और कई लोगों ने भी यह कहा है नरेंद्र मोदीजी ने कहीं ना कहीं कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी जी की तौहीन की है। यह कहना कि कांग्रेस के किस विधवा के अकाउंट में पैसे गए हैं क्या अब कोई लक्ष्मणरेखा नहीं है किसी की गरिमा और शालीनता की क्या हम इसी तरीके से सारी हदों को पार करते रहेंगे और हदों को पार होता देखते रहेंगे.
और ऐसा बिल्कुल भी नहीं है यह प्रधानमंत्री मोदी जी ने महिलाओं के प्रति ऐसा आपत्तिजनक बयान पहली बार दिया है। इससे पहले वह हिम्मती सोनिया गांधी जी के जर्सी काऊ भी बता चुके हैं। नफरत एक अलग होती है लेकिन हम सब को नफरत में भी अंकुश डालने की जरूरत होती है एक बार ही सही यह सोचना चाहिए कि क्या हम किसी औरत के बारे में इस तरीके से बोल सकते हैं.

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अगर हम अंकुश नहीं डालेंगे तो हम तमाम हदों को पार कर जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी जी ने शशि थरूर की बीवी सुनंदा पुष्कर के बारे में भी उसी तरीके का बयान दिया था। मोदी जी ने सुनंदा पुष्कर को “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड “कहा था। दोस्तो दिक्कत ये है कि जब प्रधानमंत्री मोदी जी इस तरीके का बयान देते हैं और अपनी सीमाओं को लांग ते हैं तब उनके जो प्रवक्ता है वह उनसे भी आगे बढ़ जाते हैं.
संबित पात्रा गौरव भाटिया और प्रेम शुक्ला इसका एक बड़ा उदाहरण है यह मोदी जी के प्रवक्ता है शुरुआत गौरव भाटिया से करते हैं योगी बीजेपी में नए-नए आए हैं ।हर टीवी शो में इनके अपशब्द ,लोगों से वाद-विवाद, लोगों से टकराना इनके लिए आम बात है। जब यह समाजवादी पार्टी में थे तब यह इस प्रकार के प्रवक्ता नहीं थे। भारतीय जनता पार्टी में आने के बाद इनके संस्कार फूट-फूटकर सामने आ रहे हैं.

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अब बात करते हैं प्रेम शुक्ला जी इन्होंने दो महिला पहली प्रियंका चतुर्वेदी और दूसरी पंखुड़ी पाठक को अपशब्द के होते हैं नतीजा यह हुआ कि पंखुड़ी पाठक में उनके खिलाफ पुलिस में कंप्लेंट कर दी। और तीसरे हैं संबित पात्रा ।संबित पात्रा को श्रेय दिया जाना चाहिए कि कैसे उन्होंने हमारे ड्राइंग रूम का माहौल बर्बाद कर दिया। किस तरह से उन्होंने टेलिविजन के स्तर को गिराया है और भारतीय जनता पार्टी का मान बढ़ाया है।

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