पीरियड्स में दर्द क्यों होता है? इससे कैसे छुटकारा पाया जाए? जानिए पीरियड्स से जुड़ी ऐसी ही कुछ अहम बातें

May 28, 2020 by No Comments

महिलाओं की ज़िन्दगी में पीरियड्स एक आम बात है। हर महीने महिलाओं को इस समस्या से गुजरना पड़ता है। ऐसे में पेट और कमर के नीचे वाले भाग में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई लोगों के सिर्फ पेट में ही नहीं बल्कि जांघों में, पैर में, पीठ और कमर में भी दर्द होने लगता है। इससे सेहत में बदलाव आने के साथ साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता है। इसलिए आज हम आपको पीरियड्स के बारे में सारी जानकारी देंगे कि पीरियड्स के दौरान दर्द क्यों होता है, इसका कारण क्या है और इसे बिना दवाई के कैसे कम कर सकते हैं।

पीरियड्स के दौरान कई तरह के दर्द का सामना करना पड़ सकता है। यह प्राइमरी डिसमेनोरिया भी हो सकता है और सेकेंडरी डिसमेनोरिया भी। बता दें कि प्राइमरी डिसमेनोरिया पीरियड्स के बीच पेट के नीचे वाले हिस्से में दर्द होता है और इसमें किसी भी तरह की शारीरिक बीमारी नहीं होती। पीरियड्स के शुरुआती दिनों में यह दर्द होता है और दो या तीन तक में बन्द होता है। इसके अलावा गर्भावस्था में फाइब्रॉयड्स, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या एंडोमेट्रिओसिस जैसी समस्या होती है तो इसे में पीरियड्स में बहुत तेज़ दर्द होता है और इसी को सेकंडरी डिसमेनोरिया कहा जाता है। पीरियड्स शुरू होने से एक हफ्ते पहले यह दर्द शुरू हो जाता है और इसी वजह से कब्ज की समस्या भी उत्पन्न होती है।

Mensural Pain


आपको बता दें कि पीरियड्स में होने वाले दर्द का करें औरतों के शरीर में बनने वाला प्रोस्टाग्लैंडीन रसायन है। इसकी वजह से गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। जिन औरतों में यह रसायन ज़्यादा पाया जाता है उन्हें पीरियड्स के दौरान ज़्यादा दर्द सहना पड़ता है। इसके अलावा भी बहुत से कारण होते है जैसे एंड्रोमेट्रिओसिस यानी गर्भाशय के बाहर गर्भाशय का ऊत्तक उपस्थित होना, फाइब्रॉयड्स और एडिनोमायोसिस मतलब गर्भाशय में ऐसे कारकों का उत्पन्न होना जो कैंसरजनक नहीं हैं। इसके अलावा एक्टोपिक प्रेगनेंसी, जिसमें गर्भाशय की जगह बच्चा फैलोपियन ट्यूब में आ जाता है, आईयूडी यानी गर्भनिरोधक उपकरणों का इस्तेमाल करना, आदि।

पीरियड्स में दर्द होना आम बात है, लेकिन दवाइयों के बजाए आप घरेलू नुस्खों से इसका इलाज कर सकते हैं। इसके लिए आप हॉट वॉटर बैग, हीटिंग पैड या फिर कांच की बोतल में गर्म पानी भरकर सिंकाई कर सकती हैं। एक स्टडी में इस बात की पुष्टि हो चुकी हैं कि गरम पानी से सिंकाई करने से पीरियड्स में होने वाले दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा पीरियड्स में लैवेंडर और पेपरमिंट का ऑइल इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए एक दो चम्मच नारियल तेल और जोजोबा के तेल में 3 से 4 बूंद लैवेंडर का तेल या पेपरमिंट का तेल मिलाएं और फिर इससे पर और कमर के निचले हिस्से में मालिश करें। इससे पीरियड्स में होने वाले दर्द में काफी राहत मिलती है।

इसके साथ ही पीरियड्स के दौरान आप हर्बल चाय का भी सेवन कर सकती हैं। इसके लिए आप ग्रीन टी या कैमोमाइल टी पी सकती हैं। इसमें पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं, जो पीरियड्स के दर्द में फायदा पहुंचाते हैं। इन सभी चीज़ों के इस्तेमाल के साथ साथ अपने खान पान का ख्याल रखें, ऐसे में अल्कोहल और कैफ़ीन का इस्तेमाल भी कम से कम करें, तनाव से दूर रहें और स्मोकिंग करने से बचें और समय समय पर पानी और जूस का सेवन करते रहें।

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