‘PM को अगर बेटी बचाओ में यक़ीन है तो इसे मंत्री पद से हटाएँ’

October 10, 2018 by No Comments

हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को आड़े हाथों लिया. अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद ओवैसी ने कहा कि महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर का असली चेहरा दुनिया के सामने लाकर रख दिया है. मैं मांग करता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाएं.

उन्होंने कहा कि हम पीएम मोदी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि भारत में ‘मीटू’ अभियान के जोर पकड़ने के साथ ही कुछ महिला पत्रकारों ने सामने आकर पूर्व संपादक एवं मौजूदा विदेश राज्य मंत्री अकबर पर पत्रकार रहने के दौरान यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुसलिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “एमजे अकबर शर्म करिए! और आप तीन तलाक विधेयक पर बहस के दौरान संसद में खड़े होकर मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके उत्पीड़न को रोकने की बात करते हैं.” हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय अगर सच में बेटी बचाओ में यकीन रखता है, तो अपने इस मंत्री को हटाए.”

दरअसल, मीटू अभियान में नित नई हस्तियां के नाम आ रहे हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय विदेश राज्‍य मंत्री एमजे अकबर पर भी आरोप लगे हैं. उन पर आरोप है कि जब वे संपादक थे, तो उन्‍होंने कई महिला पत्रकारों का यौन उत्‍पीड़न किया. इस सिलसिले में कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अकबर पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं.

इस कड़ी में पत्रकार प्रिया रमानी ने उन पर सबसे पहले आरोप लगाते हुए अपनी स्‍टोरी को साझा किया है. इससे पहले उन्‍होंने पिछले अक्‍टूबर में वोग इंडिया में लिखे अपने ऑर्टिकल में डियर मेल बॉस को संबोधित करते हुए एक आर्टिकल लिखा था. उस वक्‍त दुनिया भर में शुरू हुए मीटू अभियान की पृष्‍ठभूमि में उन्‍होंने अपनी स्‍टोरी को लिखा था.

हालांकि, उस वक्‍त उन्‍होंने आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था. लेकिन आठ अक्‍टूबर को उन्‍होंने अपनी स्‍टोरी के लिंक को शेयर करते हुए लिखा कि दरअसल उनकी पुरानी स्‍टोरी एमजे अकबर से संबंधित थी. उन्‍होंने इसके साथ ही लिखा कि उनका नाम इसलिए नहीं लिया था, क्‍योंकि उन्‍होंने मेरे साथ ‘कुछ’ नहीं किया. लेकिन कई अन्‍य महिलाओं की इससे भी बदतर स्‍टोरीज उनसे जुड़ी हो सकती हैं- संभवतया वे इसे शेयर करें.

प्रिया रमानी ने ऑर्टिकल में अपने एक जॉब इंटरव्‍यू के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उस वक्‍त मैं 23 साल की थी और वह 43 साल के थे. संपादक ने मुझे दक्षिणी मुंबई के उस होटल में मिलने के लिए बुलाया जहां वे हमेशा रुका करते थे. उन्‍होंने कहा कि दरअसल वो इंटरव्‍यू कम डेट ज्‍यादा था. संपादक ने ड्रिंक ऑफर की और पुराने हिंदी गाने सुनाने को कहा. यहां तक कि उन्‍होंने अपने बेड के पास आकर बैठने को कहा जिसे मना कर दिया.

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