मोदी ने अज़ान की आवाज़ सुन कर स्पीच रोकी; और जानिये क्यूँ हो रही है PM की आलोचना

बुधवार के रोज़ नवसारी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी स्पीच को अज़ान की आवाज़ सुन कर रोक दिया. एक वक़्त पर मोदी ने मुसलमानों द्वारा पहनी जाने वाली टोपी पहेनने से इनकार कर दिया था लेकिन अब मोदी के इस नए रुख़ से राजनीतिक हलक़ों में नए क़िस्म की चर्चा शुरू हो गयी है.

हालाँकि प्रधानमंत्री द्वारा मोरबी में दिया गया एक भाषण आलोचना के घेरे में है. उन्होंने यहाँ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के बारे में कहा कि जब मोरबी में इंदिरा गाँधी आयी थीं तो वो मूंह पर रूमाल बाँध कर आयी थीं और इसको लेकर उन्होंने एक मैगज़ीन में छपी तस्वीर का हवाला दिया था. हालाँकि पत्रिका में छपी तस्वीर से ये साफ़ है कि सिर्फ़ इंदिरा गाँधी ही नहीं बल्कि जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने भी तब मूंह पर रूमाल बाँधा हुआ था. ऐसा इसलिए किया गया था क्यूंकि मच्छू डैम टूटने से कई इंसानों और जानवरों की जान गयी थी और इस वजह से माहमारी फैलने का ख़तरा बढ़ गया था.

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक दिवंगत नेत्री के बारे में ऐसा कहना वरिष्ट लोगों को पसंद नहीं आ रहा है. जानकारों के मुताबिक़ मोदी के इस बयान से राजनीति का स्तर और नीचे गया है. इस तरह का बयान इसके पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.