PNB स्कैम में अरुण जेटली की बेटी की भागीदारी पर बोले राहुल गाँधी- एक महीने पहले मिले मोटे पैसे

March 12, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: देश के बैंकों को हज़ारों, करोड़ का चूना लगाकर विदेश भागने वाले नीरव मोदी को मोदी को घोटाला उजागर होने की जानकारी पहले ही मिल गई थी।
तभी उसने हांगकांग में अपना बिज़नेस पहले ही समेट लिया था। न्यूज वेबसाइट इंडिया टुडे के मुताबिक, नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के कंपनी सचिव सुरेश कुमार भूटानी ने हांगकांग में अपना बिजनेस बंद करने अर्जी 12 दिसंबर 2017 को दी थी, जिसे वहां की अथॉरिटी ने 19 जनवरी को स्वीकार कर लिया था।

इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को निशाने पर लिया है। राहुल ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर #ModiRobsIndia हैशटैग में लिखा है कि पीएनबी घोटाले पर वित्तमंत्री अरुण जेटली की चुप्पी से साफ होता है कि वे अपनी वकील बेटी को बचाने में लगे थे।
घोटाले के आरोपी ने उनकी बेटी को एक महीने पहले ही बड़ी रकम दी थी। यह रकम घोटाले के सार्वजनिक होने के एक महीने पहले ही दी गई थी। इसके साथ उन्होंने ये भी पूछा है कि जब आरोपी से जुड़ी बाकी लॉ फर्म पर सीबीआई ने छापा मारा तब इस लॉ फर्म को क्यों छोड़ दिया गया ?
गौरतलब है कि मोदी सरकार इस घोटाले के बाद विपक्ष के निशाने पर है। सरकार जहां इस घोटाले से पल्ला झाड़ रही है और कांग्रेस की अगुवाई में बनी यूपीए की सरकार पर ठीकरा फोड़ रही है। वित्त मंत्रालय ने पीएनबी के 11,500 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को खारिज किया और कहा कि यह मामला ‘नियंत्रण के बाहर’ नहीं है और इस बारे में उचित कार्रवाई की जा रही है।

आपको बता दें कि पीएनबी बैंक और अन्य बैंकों के अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ बड़े कारोबारियों ने नियमों की अनदेखी कर बैंकों से लोन लिया और उस पैसे को वापस नहीं किया।  इस घोटाले पर बैंक का भी मानना है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ खातेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए किया है। इस लेनदेन के आधार पर ऐसा लगता है कि दूसरे बैंकों ने भी विदेश में भी इन ग्राहकों को एडवांस दिए हैं यानी दूसरे बैंकों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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