साल 2017 में एरदोगन हुए और मज़बूत; तुर्की का बढ़ाया नाम

December 31, 2017 by No Comments

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् के पाँच स्थायी सदस्यों के नेताओं को छोड़ दिया जाए तो इस वक़्त वैश्विक राजनीति में जो नाम सबसे उभर कर आ रहा है वो है रजब तय्यिप एरदोगन. एरदोगन तुर्की के राष्ट्रपति हैं और हर ऐसे मामले में जिसमें कि एक वैश्विक शक्ति को बोलना चाहिए,ज़रूर बोलते हैं. सन 2017 में उन्होंने अपनी पोज़ीशन को और मज़बूत किया है.

हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा जेरुसलम को इज़राइल की राजधानी दिए जाने के फ़ैसले पर सबसे मुखर विरोध तुर्की ने ही किया. एरदोगन ने साफ़ कर दिया है कि जेरुसलम को किसी भी हाल में इज़राइल की राजधानी नहीं माना जाएगा. ट्रम्प के फ़ैसले को उन्होंने रेड लाइन भी क़रार दिया. उन्होंने कहा कि जेरुसलम अगर मुसलमानों के हाथ से जाता है तो मक्का और मदीना के भी हाथ से जाने का ख़तरा होगा. फ़िलिस्तीनी मूवमेंट का उन्होंने लगातार समर्थन किया है. इतना ही नहीं सीरिया में चल रहे गृह युद्ध में भी एरदोगन ने लगातार बड़े फ़ैसले लिए हैं.एरदोगन में ही ये क्षमता है कि वो सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को इस मौक़े पर भी आतंकवादी कह देते हैं.मिडिल-ईस्ट से अगर बाहर भी बात करें तो म्यांमार में चल रहे रोहिंग्या संकट में भी एरदोगन के नेतृत्व में तुर्की ने परेशान हाल लोगों की मदद की.

कुल मिलकर 2017 में उन्होंने इस तरह के काम किये हैं जिससे उनका सम्मान तो बढ़ा ही है, साथ ही उन्होंने तुर्की को फिर से वैश्विक पटल पर ला दिया है. आने वाले साल में क्या होगा ये तो वक़्त ही बतायेगा लेकिन फ़िलहाल एरदोगन विश्व के सबसे मज़बूत नेताओं में से एक हैं.

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