देशभक्ति साबित करने के लिए सिनेमा हाल में खड़े होने की ज़रुरत नहीं: प्रकाश राज

बेंगलुरु: प्रकाश राज दक्षिण के मशहूर कलाकार हैं. वो इसके अलावा वांटेड और सिंघम जैसी हिंदी फ़िल्मों में भी काम कर चुके हैं. इन दिनों लेकिन वो देश के बदलते माहौल को लेकर भी अपनी राय ज़ाहिर करते नज़र आये हैं. कुछ ऐसी भी चर्चाएँ चल रही हैं कि वो राजनीति में आ सकते हैं. इसी को लेकर उन्होंने आज कहा कि वो कोई राजनीतिक दल नहीं ज्वाइन करने जा रहे हैं.

राज ने कहा,”मैं किसी राजनीतिक पार्टी में नहीं जा रहा हूँ. मैं एक्टर्स का राजनीति में जाना पसंद नहीं करता क्यूंकि वो एक्टर हैं और उनके प्रशंसक हैं.उन्हें हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए.”उन्होंने कहा कि फ़िल्म अदाकारों का राजनीति में आना देश के लिए एक डिजास्टर की तरह है.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि देशभक्ति साबित करने के लिए किसी को सिनेमा हाल में खड़ा होने की ज़रुरत नहीं है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सिनेमा हाल में किसी भी मूवी के चलने से पहले राष्ट्रगान बजाय जाना अनिवार्य है और ऐसा जब हो तो सभी का खड़े होना अनिवार्य है.

इसको लेकर काफ़ी विवाद भी रहा है और कई जगह पर पैरों से मजबूर लोगों को राष्ट्रगान के समय खड़े न होने के लिए मार भी दिया गया है. ऐसे में जब भीड़ को ये पता चलता कि वो शख्स जो नहीं खड़ा हुआ वो पैरों से मजबूर है तो लोग भाग जाते. बुद्धजीवी वर्ग भी इस मामले में सर्वोच्च अदालत से अपील कर रहा है कि इस पर पुनर्विचार हो जिसको लेकर संज्ञान लिया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.