काला धन पकड़ने की कोशिश नहीं हो रही है बस जुमलेबाज़ी चल रही है: प्रशांत भूषण

November 7, 2017 by No Comments

नई दिल्ली: पैराडाइज़ पेपर्स के मामले पर योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण प्रेस वार्ता की. उन्होंने इस वार्ता में कई डॉक्यूमेंट रखे. योगेन्द्र यादव ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि जिन मामलों को सुबूत सरकार के पास दो साल से पड़े हैं उस पर सरकार ने क्या किया है.उन्होंने कहा कि हम पचास पेज के डॉक्यूमेंट दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस प्रेस वार्ता के ज़रिये हम हक़ीक़त रखना चाहते हैं. सरकार ने कार्यवाही की होती तो दस हज़ारियों करोड़ वापिस आ गया होता. एंटी ब्लैक मनी डे इस देश की जनता के साथ बहुत क्रूर मज़ाक़ है.

प्रशांत भूषण ने कहा,”2014 के चुनाव में बहुत बड़े बड़े दावे और वादे किये गए कि हम काला धन ख़त्म कर देंगे, विदेशों में जो है उसको वापस ले आयेंगे.. सबकी झोली में 15-15 लाख आ जाएगा.. हम भ्रष्टाचार ख़त्म कर देंगे लेकिन अब साढ़े तीन साल हो गए.. 714 लोगों के नाम पैराडाइज़ पेपर्स में आये हैं जबकि पनामा पेपर्स में 450 लोगों के नाम आये थे कि इनके अकाउंट टैक्स हवेंस में हैं.. टैक्स हवेंस की कई ख़ूबियाँ हैं…. एक तो ये कि वहाँ की सरकारें इसको छुपा कर रखती हैं और वहाँ कोई इंटरेस्ट नहीं मिलता, वो सिर्फ़ छुपाने के लिए रखे जाते हैं.”

इसके आगे उन्होंने कहा ,”सुभाष चन्द्र की ज़ी कंपनी का है, अमिताभ बच्चन का है और हिंदुस्तान टाइम्स का भी है..और बहुत से लोगों का है.. ये पैसा टैक्स हवेंस में कैसे पहुँचता है ये सरकार की एजेंसियों को पता है. उन्होंने स्टर्लिंग बायोटेक की बात करते हुए कहा कि एक नाम आता है राकेश अस्थाना जब ये डायरी बरामद हुई तो ये पुलिस कमिश्नर सूरत थे उसके बाद उन्हें सीबीआई में लाया गया और उन्हें सीबीआई का डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया. ..ख़ास बात ये है कि इस स्टर्लिंग बायोटेक के मामले में 2011 में रेड होती है और फिर 2014 के आख़िर में मामला खुलता है और विजिलेंस इस पर एक डिटेल रिपोर्ट बनाती है. इसमें एक FIR की गयी जिसमें इरफ़ान भाई का नाम भी आया जो अहमद पटेल के दामाद हैं उन्हें इसीलिए FIR में डाला गया क्यूंकि वो पटेल के दामाद हैं लेकिन इसमें राकेश अस्थाना पर FIR नहीं की गयी.”

प्रशान्त भूषण ने एस्सार, अदानी पर भी गंभीर आरोप लगाया है. भूषण ने कहा कि सरकार ब्लैक मनी रखने वालों को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसको लेकर क़ानून में भी बदलाव किये जा रहे हैं कि विदेशों से जो राजनीतिक पार्टियों को फण्ड आता है वो आ सके. उन्होंने कहा कि बस ये जुमलेबाज़ी चल रही है.

उन्होंने मांग की कि जो केसेस रखे गए हैं जिसके बारे में इन्वेस्टीगेशन हो चुकी है सरकार उस पर एक्शन ले.

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