क़तर की एथलीट ने कहा- आगे भी स्कार्फ़ के साथ दौडूंगी, ये मेरी पहचान है

September 28, 2018 by No Comments

दुनिया भर की मुसलमान औरतों और लड़कियों मे हिजाब पहनने की प्रथा है जिसका अपना धार्मिक महत्व है । अक़सर हिजाब पहनने वाली महिलाओं को घरेलू ही माना जाता है। कुछ कामकाजी महिलाएं भी हालांकि हिजाब पहनती हैं लेकिन हिजाब पहन कर खेल प्रतियोगिताऔं मे हिस्सा लेनी वाली महिलाए न के बराबर हैं । ऐसी ही एक महिला खिलाड़ी का नाम है मरियम फ़रीद ,जो क़तर का प्रतिनिधित्व करती हैं ।वह हिजाब पहनकर, दौड़ प्रतियोगिता मे हिस्सा लेती हैं ।

मरियम का मानना है कि हिजाब से तेज़ी प्रभावित नहीं होती है।उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई एथलीट कैथी फ्रीमैन का उदाहरण देते हुए कहा कि कैथी 2000 में पूरे शरीर को ढकने वाली पोशाक पहनकर महिलाओं की 400 मीटर की रेस में दोड़ी थीं और ओलंपिक चैंपियन बनी थी। आप को बता दें कि मरियम अगले साल कतर में होने वाली आईएएएफ विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटी हैं। उन्हें 400 मीटर बाधा दौड़ में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।उनका कहना है कि वे आगे भी स्कार्फ पहन के दौड़ती रहेंगी।उनका कहना है कि वे कभी भी अपनी पहचान से समझौता नहीं करेंगी।

हालांकि मरियम हिजाब पहनने वाली पहली खिलाड़ी नहीं हैं। उनसे पहले रियो ओलंपिक खेलों में सऊदी अरब की करिमन अब्दुलजादायेल यह कारनामा कर चुकी हैं । उन्होंने 100 मीटर की दोड़ मे भाग लिया था ।सऊदी अरब की इस महिला खिलाड़ी ने उस समय पूरे शरीर को ढकने वाली पोशाक पहन रखी थी।

वैसे तोअधिकतर इस्लामी देशों में महिलाओं के लिए अनिवार्य है।लेकिन मरियम हिजाब को आधुनिक रूप देना चाहती है।उनका कहना है कि उन्हें धर्म के साथ थोड़ा फैशन जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं है।उनका मानना है कि हिजाब ऐसा होना चाहिए जिसमें महिलाएं और भी ख़ूबसूरत लगें। मरियम को लगता है कि बाज़ार मे एसा कोई भी ब्रांड नहीं है जो खेलों में महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर गंभीर हो । वह चाहती हैं कि नाइकी ओर एडिडास जैसे ब्रांड उनके लिए कुछ खूबसूरत हिजाब तैयार करें।

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