क़ुरान मज़ीद में पहला सज़दा किस पारे में आया है?…कुरान में आये सज़दो की पूरी जानकारी के लिए यहाँ दबाए

कुरान करीम की तिलावत करते वक़्त कुछ मकाम ऐसे आते है जहाँ सजदा करना वाजिब है कुरान में चार मकाम ऐसे है जहा सजदा करना वाजिब है और ताखीर नही करनी चाहिए फ़ौरन सजदे अदा करने चाहिए और 11 मकाम ऐसे है जहा वाजिब नही है बलके मुस्तहब है यानि करेगे तो सवाब होगा !इन सजदो में क़िबला रुख की शर्त नही है मसलन कोई ख़ातून है उसके सर पर रुपट्टा नही भी है और उसने सजदा कर लिया तो कोई हर्ज न’ही है हो सकता है.

पहला सज़दा

कुरान में पहला सज़दा नौवे पारे में है.कुरान का सजदा के सिलसिले में और ज़रूरी जानकारी नीचे दी गयी है.अपने वजू न किया हो तब भी आप इन सजदो को कर सकते है इन सजदो में नमाज़ के सजदे की तरह शर्त नही है सजदे में सात अजा टिकाने ज़रूरी है और दुरान ए सजदा कोई भी ज़िक्र कर सकते है !

नियत- सजदा करती हूँ या करता हूँ कुरान का जो वाजबी है कुर्बतन इल्ललाह और सजदा करेगे और उसके बाद अल्ला हो अकबर कहकर उठ जायगे ना तशुद है और सलाम है और ना ही कोई खास ख़सूसी तोर पर विर्द है

आप सजदे में कोई भी ज़िक्र कर सकते है जैसे: सुभहाना रब्बिल आला वाबे हम्देही. अल्लाह हो अकबर या कोई भी ज़िक्र आप कर सकते है आप का सजदा अदा हो जाएगा !

सजदा कब वाजिब होता है?

Muslim boy praying in Sujud posture

आप कुरान पढ रहे है और आप सजदे की आयात को पढ़ते है तो आप पर सजदा वाजिब हो जायगा और आपको बिना देरी किये फ़ौरन इस सजदे को अदा करना है !

क्या कुरान की तिलावत सुनने वाले पर भी सजदा वाजिब हो जाएगा ?

अगर कुरान की तिलावत हो रही है और कोई बंदा वहा से निकला हुवा जा रहा है और वो कुरान की आयात को सुन लेता है तो उस पर सजदा वाजिब नही है !

लेकिन जानबुझ कर कोई इंसान कुरान की तिलावत सुन रहा है या हो सकता है लाइव क्लास चल रही है तो उस सूरत में सजदा वाजिब है और सजदे को फ़ौरन अदा करना ज़रूरी है !

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