गुटबाजी खत्म करने के लिए राहुल ने अपनाई ‘चाणक्य नीति’..ऐसे सुलझाया मसला

November 1, 2018 by No Comments

इस वक्त पूरे देश में मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की चर्चा चल रही है क्योंकि साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इन तीनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लिए ट्रायल के तौर पर देखे जा रहे है.

आपको बता दें कि इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर हुए सर्वे में यह सामने आया है कि इस बार जनादेश कांग्रेस के पक्ष में आएगा लेकिन अब घर सामने आ रही है कि पार्टी के नेताओं में आपसी मतभेद हैं जिसके पीछे का कारण सीटों का बटवारा बताया जा रहा है।

खबर सामने आई है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया आपस में तू तू मैं मैं करने के चक्कर में इतनी तेज बहस मैं पड़ गए कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी उनसे नाराज हो गए हैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इन दोनों के बीच में मतभेद को सुलझाने के लिए वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और अशोक गहलोत समेत कुछ वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी का गठन किया.

गौरतलब है कि इस वक्त कांग्रेस किसी भी तरह से बीजेपी को हराने की कोशिशों में जुटी है और ऐसे में पार्टी के बीच ही नेताओं का इस तरह का मतभेद कांग्रेस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस हमेशा गुटों में बटी रही है और इस बार भी हालात सामान्य नजर नहीं आ रहे हैं।

अपनी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट दिलाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं का आपस में ही झगड़ा होना इस बात का एक अहम सबूत है।आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार मुख्यमंत्री पद पर बैठने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। बताया जा रहा है किराज्य के कई हिस्सों में दोनों के समर्थकों के बीच तनातनी का माहौल है।यह तनातनी अब राहुल गांधी के सामने खुलकर आ चुकी है।

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