मुझे मोदी जी जैसा भाषण देना नहीं आता है, उसमें थोड़े साल और लगेंगे: राहुल गांधी

गांधीनगर: गुजरात चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के लिए एक ऐसा युद्ध बन गया है। जिसमें बीजेपी जोकि 22 सालों से सत्ता संभाले बैठी है, हारना नहीं चाहती और कांग्रेस 22 सालों से सत्ता हासिल करने का इंतज़ार कर रही थी। इस बार के चुनाव बहुत ही दिलचस्प होने वाले हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव प्रचार में पूरी जान लगा रहे हैं। राहुल के प्रचार करने के तरीके को देश के प्रधानमंत्री मोदी के साथ तुलना की जा रही है।

आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर धीरज शर्मा का कहना है कि राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री मोदी के तरीकों को अपनाया है। पीएम मोदी ने पिछले गुजरात चुनाव में इन्ही तरीकों के साथ चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने कहा, ‘भाषण के दौरान लोगों के साथ संवाद, सेल्फी लेने जैसे कदमों से राहुल गांधी ने खुद को एक आम आदमी के रूप में दर्शाने की कोशिश की है। जैसे कि मोदी ने किया था।

हाल ही में गुजरात के सूरत में व्यापारी वर्ग से मुलाकात की और उनसे जीएसटी के मुद्दे पर बात की। इस चुनाव प्रचार में राहुल गांधी आम जनता से रूबरू होकर बातचीत कर उनकी परेशानियों को सुन रहे हैं और उनपर नोट्स बनाते हैं। दरअसल ऐसा नहीं है कि राहुल गाँधी गुजरात चुनाव प्रचार में पीएम मोदी के तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और पंजाब विधानसभा चुनाव में भी लोगों के साथ सीधे तौर पर मुलाकाते की थी। किसानों के घरों के जाकर उनसे उनकी समस्याओं के मुद्दे उठायें थे। किसान खाट सभाएं की थी। तब भी राहुल गांधी ने गरीब लोगों से उनकी मदद करने का वादा किया था। उस दौरान भी वह लोगों के साथ सेल्फी लेते थे। उनके भाषणों में तब भी नोटबंदी से हुई परेशानियों का जिक्र होता था। इसके साथ राहुल गांधी का कहना है कि मुझे मोदी जी जैसा भाषण देना नहीं आता है। उसमें थोड़े साल और लगेंगे। गौरतलब है कि गुजरात में 9 से 14 दिसंबर तक दो चरणों में होने वाले हैं। जिसके लिए बीजेपी और कांग्रेस जोरों-शोरों पर चुनाव प्रचार चल रहा है।

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