रेलवे का निजीकरण देश की सुरक्षा और विकास से समझौता होगा: CPI

नई दिल्ली: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार रेलवे का निजीकरण करना चाहती है. भाकपा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि देश के लिए लाइफलाइन है रेलवे. उन्होंने कहा कि रेल सेवा को उद्योग नहीं बनाया जा सकता.

भाकपा के राज्यसभा सांसद डी राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में एक ख़त लिखा है. उन्होंने केन्द्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल द्वारा की गयीं निजीकरण की घोषणाओं को लेकर नाराज़गी जतायी है. उन्होंने पियूष गोयल की घोषणाओं पर आश्चर्य व्यक्त किया.

राजा ने कहा कि सरकार को इस बारे में कोई भी फ़ैसला हड़बड़ी से नहीं करना चाहिए. राजा ने इस बारे में कहा है कि जिन देशों ने निजीकरण करके रेल चलायी है वो भी अब राष्ट्रीयकरण पर आना चाहते हैं. इसको लेकर उन्होंने ब्रिटिश सरकार का उदाहरण दिया और कहा कि ब्रिटेन रेलवे का पुनः राष्ट्रीयकरण करने की सोच रहा है.

राजा ने इस बारे में कहा कि दुनिया में कोई भी ऐसी कॉर्पोरेट इकाई नहीं है जो भारतीय रेल जैसी विशाल व्यवस्था का संचालन कर सके. उन्होंने कहा कि अगर रेलवे का निजीकरण हुआ तो इसका मतलब ये होगा कि भारत के विकास और सुरक्षा के साथ समझौता किया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.