राजा भैय्या की पार्टी का बड़ा आगाज़, 30 नवम्बर को लखनऊ में आयेगा सियासी भूचाल

November 11, 2018 by No Comments

लखनऊ: पूर्व मंत्री व कुंडा से बाहुबली निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया के राजनीतिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती समारोह मनाया जाएगा। समारोह 30 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इस राजा भइया अपनी नई पार्टी का भी ऐलान करेंगे। यह जानकारी रजत जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सरोज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। विनोद कुमार ने बताया कि राजा भइया के नाम निर्दलीय चुनाव जीतकर 25 साल विधायक रहने का रेकॉर्ड है।

दरअसल बहुत कम ही दिन रह गए हैं राजा भइया की पॉलिटिकल पार्टी जनसत्ता दल के औपचारिक ऐलान में। 30 नवंबर को लखनऊ में अपने राजनीतिक करियर के 25 साल पूरे होने के मौके पर एक बड़ी रैली के दौरान राजा भइया इसका ऐलान करेंगे! इस दौरान उनके लाखों समर्थक पूरे देश से लखनऊ में जुटेंगे। यह रैली बिल्कुल खास होगी और इसे खास बनाने के लिये 50 से अधिक लोगों की एक कमेटी की निगरानी में हजारों लोग जुटे हैं। रैली कैसी होगी इसके बारे में रोज एक-एक जानकारी सामने आ रही है जो इसके प्रति लोगों व राजनीतिक गलियरों में उत्सुकता बढ़ा रही है।

अब जो जानकारी आयी है वो ये है कि 30 नवंबर को लखनऊ में होने वाली रैली के दौरान राजा भैया के लाखों समर्थक एक जैसे ही खास कपड़े में मौजूद होंगे। बाकायदा इसका मैसेज वायरल किया गया है, जिसके मुताबिक रैली के लिये उनके जन्मदिन के मौके पर एक टीशर्ट लांच की गयी है। ऐसी लाखों टीशर्ट रैली में पहुंचने वाले समर्थकों को बांटी जाएगी, ताकि जब भीड़ एक जैसे कपड़े पहनकर जुटे तो वह ऐतिहासिक और भव्य लगे। सफेद रंग की टीशर्ट है, जिसके एक ओर तो राजा भैया की फोटो प्रिंट है जबकि दूसरी ओर लिखा गया है ‘माननीय रघुराज प्रताप सिंह जिंदाबाद, जनसत्ता दल जिंदाबाद’ उसेक नीचे सौजन्य से पिंटू सिंह लिखा हुआ है। यह टीशर्ट राजा भैया के जन्मदिन के मौके पर लांच की गयी बताकर व्हाटसऐप और सोशल मीडिया पर वायरल की गयी है।

बता दें कि अब तक निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले राजा भैया सवर्णों-पिछड़ों को गोलबंद कर नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. कहा जा रहा है कि सपा से रिश्ते खराब होने के बाद राजा भैया का यह बड़ा सियासी दांव है.बता दें कि राजा भैया बीजेपी और सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं. लेकिन योगी सरकार में उनकी एंट्री मंत्रिमंडल में नहीं हो सकी है. राजा भैया लगातार आठवीं बार विधायक हैं. 1993 से वह कुंडा से निर्दलीय जीतते आ रहे हैं. 1997 में बीजेपी की कल्याण सिंह की सरकार में वह पहली बार मंत्री बने थे. 2002 में बसपा सरकार में विधायक पूरन सिंह बुंदेला को धमकी देने के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था. बाद में मुख्यमंत्री मायावती ने उन पर पोटा लगा दिया था. करीब 18 महीने वह जेल में रहे.2003 में मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री बनने के बाद राजा भैया के ऊपर से पोटा हटा लिया और उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया, तब से वह लगातार सपा के साथ थे. फिलहाल 2019 लोकसभा चुनाव से पहले  राजा भैया की रैली पर सरकार से लेकर विपक्षी पार्टियों की नजर रहेगी।

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