राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को लग रहे हैं झटके पर झटके

October 30, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: राजस्थान विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच बीजेपी छोड़ने वाले मानवेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल होने के बाद एक महारानी बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम सकती हैं रणनीतिकार यह कह रहे हैं कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा को जैसलमेर में बड़ा नुकसान हो सकता है। कुछ दिन पहले दिल्ली में राहुल गांधी के घर पर बीजेपी छोड़ने वाले मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई.. बीजेपी और वसुंधरा राजे से नाराज़गी के बाद मानवेंद्र सिंह ने बीजेपी छोड़ी थी. पिछले लोकसभा चुनाव में अपने पिता जसवंत सिंह को टिकट न मिलने से मानवेंद्र पार्टी से खफ़ा थे.

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से ऐन पहले बीजेपी के लिए ये बड़ा झटका है. क्योंकि राजपूत वोट पर मानवेंद्र और उनके पिता जसवंत सिंह की अच्छी पकड़ मानी जाती है. 2013 में बीजेपी की टिकट पर मानवेंद्र विधायक बने थे. गौरतलब है कि मानवेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे हैं. आपको बता दे ये ‘महारानी’ हैं राजेश्वरी राजलक्ष्मी है, जो कि जैसलमेर के जैसाण-राजघराने से हैं। स्थानीय लोग उन्हें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (जिन्हें स्थानीय लोग महारानी भी कहते हैं) का जवाब भी मान रहे हैं।

पहले जहां पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह की पुत्रवधू चित्रा सिंह ने भाजपा को सर​दर्द दिया, वहीं राजेश्वरी के भी कांग्रेस से करीबी बढ़ने की चर्चाएं हो रही हैं। ऐसा हुआ तो वे पाकिस्तान से सटी ‘धोरों की धरती’ से अपनी स्थानीय मजबूती की बदौलत मौजूदा सत्ता को कड़ी टक्कर देंगी। इन दिनों भाजपा और कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर खींचतान मची हुई है, तो लोगों की नजरें अब नई महारानी की ओर भी हैं। वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे और विधायक मानवेंद्र सिंह कुछ दिन पहले ही बीजेपी से नाता तोड़ चुके हैं.

उन्होंने राजस्थान में बीजेपी की वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. मानवेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर चर्चा का विषय था और 2018 में भी हर कोई बाड़मेर की ओर देख रहा है. उन्होंने कहा कि बाड़मेर में इससे पहले कई गौरव औप संकल्प रैली हो चुकी हैं. उधर दूसरी तरफ चुनावी युद्ध में इस बार उतरने का एलान करते हुए राजेश्वरी ने कहा है, ”जनता से उनकी अपील ये है कि अफवाहों पर ध्यान न दे।

मेरा इरादा अटल है, मैदान में उतरुंगी।”राजेश्वरी को कोट करते हुए फेसबुक पर एक बयान और आया,”जैसलमेर राजघराना रियासलकाल से ही आमजन के साथ हर सुख-दुख की घड़ी में साथ था, और रहेगा। मेरी इस लड़ाई का मकसद इसे आगे बढ़ाना ही है। मेरी प्राथमिकता में जैसाण को उसके खोये वैभव, मान सम्मान के साथ विकास करना है। बिना किसी भेदभाव के साथ 36 कौम को साथ लेकर चलूंगी।”

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