तनुश्री पर बरसती राखी ने अनजाने में खोली बॉलीवुड की पोल

October 4, 2018 by No Comments

फ़िल्मी दुनिया हमें हमेशा लुभाती है, इस काल्पनिक दुनिया से बँधे लोग भी हमारे जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। एक ओर जहाँ हम अलग-अलग फ़िल्मी सितारों के फ़ैन बनते हैं वहीं इनके कहे गए छोटे-बड़े बयान हमारी नज़र में इनकी छवि बनाते-बिगाड़ते हैं। इन दिनों फ़िल्मी दुनिया में एक अलग-सा माहौल बना हुआ है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के विवाद के विषय में।

जब से अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर द्वारा फ़िल्म सेट में उनसे ग़लत व्यवहार करने का आरोप लगाया है। फ़िल्मी दुनिया जैसे तीन हिस्सों में बँट गयी है, एक हिस्से में वो लोग हैं, जो इस मामले में कोई बयान नहीं देना चाहते। ये आश्चर्य की बात है कि इस हिस्से में ऐसे-ऐसे नाम शामिल हैं जो बहुत ज़ोर-शोर से नारी की समानता और उसके शोषण के ख़िलाफ़ बोलते आएँ हैं, वही कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो कभी ख़ुद भी इस तरह के विवादों का हिस्सा रह चुके हैं और ऐसे भी जो किसी भी मामले में स्टैंड रख ही नहीं पाते। लेकिन सदी के महानायक कहे जाने वाले और लाखों लोगों के श्रद्धा का केंद्र अमिताभ बच्चन ने अपने बयान से कई फ़ैंज़ का दिल दुखाया है, उनसे जिस तरह के ज़िम्मेदाराना बयान की उम्मीदें रहती हैं उसके बिलकुल विपरीत बयान आया। ये एक चौंकाने वाला बयान इसलिए भी रहा क्योंकि इसी वर्ष आयी फ़िल्म “पिंक” के उनके डायलॉग को लोगों ने उनके विचार मानकर सपोर्ट किया था।

साथ ही जब उनका अपने परिवार की महिलाओं के लिए एक खुला ख़त आया तो उसने भी लोगों के दिलों में उनकी छवि बनायी। वहीं साथ मौजूद आमिर ख़ान ने भी इस मामले में चुप्पी साधने का ही मन बनाया, जबकि “सत्यमेव जयते” जैसे कार्यक्रम के माध्यम से वो महिला उत्पीड़न के कई मुद्दे उठा चुके हैं। इनके बयान से अब लोगों को ये सबक़ लेना चाहिए कि कोई भी कलाकार ऑन स्क्रीन जो बातें कहता है उस पर ऑफ़ स्क्रीन भी अमल करे ये ज़रूरी नहीं, ख़ासकर जब इसमें उनका कोई निजी स्वार्थ न हो।

सबसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान रहा शक्ति कपूर का जो ये कहते नज़र आए कि वो दस साल पहले छोटे बच्चे थे। उनके बयान से सिद्ध है कि वो अब भी मानसिक रूप से उसी स्थिति में हैं जिसकी बात वो अपने बयान में कर रहे हैं या शायद बच्चे भी जानते हैं कि कौन-सी बातें मज़ाक़ है और कौन-सी नहीं। सलमान ख़ान ने भी मामले पर कुछ कहने से मना किया, कम से कम उनके कहने का तरीक़ा इन कलाकारों से ज़रा ठीक रहा। फिर भी ऐसे मामलों से ख़ुद को दूर कर लेना इन बड़े कलाकारों की छवि के विषय में दुबारा विचार करने की सलाह तो देती है।

जहाँ फ़िल्मी दुनिया का एक हिस्सा इस बात से किसी भी तरह पल्ला झाड़ता नज़र आया वहीं कुछ ऐसे लोग भी सामने आए जो इस मामले में तनुश्री का साथ देते नज़र आए। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हुए इन कलाकारों ने एक यही बात कही है कि अगर कोई लड़की उस समय अपने करियर की परवाह न करते हुए ये बात कह चुकी है, तो अब दस साल बाद उसके लिए कुछ ख़ास इस इंडस्ट्री में लाभ बाक़ी नहीं है। ये बात सिर्फ़ और सिर्फ़ ग़लत व्यवहार के ख़िलाफ़ है। इस तरह की सकारात्मक क़दम उठाते हुए जिन लोगों ने फ़िल्मी दुनिया में भी बिना पक्ष लिए सोचने वालों की उपस्थिति दर्ज करवायी, उनमें शामिल हैं फ़रहान अख़्तर, प्रियंका चोपड़ा, परिणिती चोपड़ा, रवीना टंडन, सोनम कपूर, आशा भोंसले, सिमी गिरेवाल, ट्विंकल खन्ना, रेणुका शाहणे, रिचा चड्ढा, स्वरा भास्कर, पूजा भट्ट, आयुष्मान खुराना आदि।

जहाँ इस मामले में कुछ कहने से बचने वाले हैं और साथ देने वाले हैं, वहीं एक पक्ष ऐसा आया है जो तनुश्री के ख़िलाफ़ ही बयान दे रहा है। दस साल पहले दिए नाना पाटेकर और गणेश आचार्य के बयान जहाँ नज़र आ रहे हैं वहीं इस पक्ष में अभी बोलने के लिए आगे आयीं राखी सावंत। तनुश्री का ये विवाद जिस गाने के फ़िल्मांकन के दौरान हुआ था उस गीत को बाद में राखी सावंत पर फ़िल्माया गया था। राखी सावंत ने न सिर्फ़ तनुश्री दत्ता के आरोपों को ग़लत बताया बल्कि उन पर ही कई संगीन आरोप तक लगा दिए। उनकी निजी जीवन पर कई टिप्पणियाँ करते हुए राखी सावंत कई बार बातों की मर्यादा भी लांघती हुई नज़र आयीं जहाँ वो तनुश्री को मारने की बात कहती नज़र आयीं, साथ ही उनके लिए तरह- तरह की बातें कहती रहीं।

ये सारी बातें वो किस आधार पर करती रहीं ये बात तो इस मामले की पूरी जाँच के बाद ही सामने आएगी लेकिन एक बात जो राखी ने तनुश्री दत्ता के विरोध में कहते समय कही वो ग़ौर करने लायक है। राखी ने तनुश्री के ख़िलाफ़ बोलते हुए कहा कि उनकी कई ऐसी फ़िल्म्ज़ रही हैं जिनमें तनश्री का किरदार बोल्ड था साथ ही वो ये भी कहती है कि अगर नाना उनके कमर में हाथ रखकर डान्स करें तो करना पड़ेगा न..अगर को-ऐक्टर के साथ आप डान्स नहीं करेंगें तो कैसे कोई ऐक्टर नयी लड़की को फ़िल्म में काम देगा..? कैसे उस पर विश्वास करेगा? लेकिन राखी के इस बयान पर ध्यान दें तो क्या राखी तनुश्री का विरोध करने की धुन में फ़िल्मी दुनिया की एक बड़ी हक़ीक़त बयान कर गयीं? तो क्या उनके कहने का एक मतलब ये समझा जाए कि अगर नयी लड़कियों को फ़िल्म इंडस्ट्री में रहना है तो इस तरह की घटना को चुपचाप झेलने के लिए तैयार रहना होगा? या सीधे तौर पर देखें तो ये मतलब भी होता है कि फ़िल्मी दुनिया में ये होता आया है और अगर इसके ख़िलाफ़ आप आवाज़ उठाएँ तो आपको वहाँ काम करने के बारे में भूल ही जाना चाहिए..क्योंकि ऐसे में फ़िल्मी दुनिया के जाने-माने कलाकारों से लेकर छोटे कलाकारों तक कोई आपके सपोर्ट में आगे नहीं आएगा..हाँ, आपकी निजी ज़िंदगी पर टिप्पणी करने का मौक़ा ज़रूर सभी को मिलेगा।

क्या राखी सावंत तनुश्री के विरोध में बोलते हुए फ़िल्मी दुनिया की चकाचौंध के पीछे छिपी इस कड़वी सच्चाई को बयान कर गयीं? जिसे तनुश्री ने सही नहीं माना लेकिन शायद बहुत सी नयी लड़कियों ने चुपचाप अपना लिया है। अगर ऐसा है तो ये एक बहुत गम्भीर मामला है, क्योंकि ये बात सिद्ध करती है कि समय-समय पर महिला समानता की बातें करने वाली फ़िल्म इंडस्ट्री भी दक़ियानूसी विचारधारा की एक बड़ी समर्थक है।

इसी तरह का एक बयान पहले मशहूर कोरियोग्राफ़र सरोज ख़ान भी एक बार अलग मुद्दे पर दे चुकी हैं, जहाँ उन्होंने कहा था कि भले ही प्रोड्यूसर नयी लड़कियों का शोषण करते हैं लेकिन काम भी देते हैं। उस वक़्त उनके बयान पर भी काफ़ी उँगलियाँ उठी थीं। आख़िर जिस फ़िल्मी दुनिया की ओर हम हर समय देखते हैं उसमें कुछ सच्चाई भी है या ये दुनिया भी फ़िल्म की शुरुआत में आने वाले डिस्क्लेमर की तरह काल्पनिक है जहाँ कहानी और किरदारों का जीवित व्यक्ति से कोई सम्बंध नहीं होता। क्या अधिकांश फ़िल्म स्टार्स अपने किरदार की ख़ूबियों का महज़ दिखावा और एक मुखौटा ही हैं? ये एक गम्भीर सवाल है।

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