राम मंदिर के नाम पर कब तक मांगा जाएगा वोट?

February 10, 2018 by No Comments

राम मंदिर यूँ तो एक समाज की आस्था का सवाल बताया जाता है लेकिन लगातार इसे राजनीतिक दल ख़ासतौर से भाजपा इसे वोट के लिए इस्तेमाल करती रही है। भाजपा इसको 30 साल से भी अधिक से इस्तेमाल करती रही है और इसी के नाम पर कई बार चुनाव जीतती रही है। अयोध्या में चल रहे विवाद का विषय ये है कि जिस स्थान पर बाबरी मस्जिद थी कुछ हिन्दू संघठन उसी स्थान पर राम मंदिर चाहते हैं और इस बारे में उनका तर्क ये है कि यहीं भगवान् राम का जन्म स्थान था लेकिन मुस्लिम समाज का मत है कि ये स्थान बाबरी मस्जिद का है. अब इसी के इर्द गिर्द 1990 के दशक और उसके बाद की राजनीति चलती रही है.

असल में राम मंदिर से भी अहम ‘राम मंदिर मुद्दा’ बना दिया गया है और इसके नाम पर हिन्दू और मुसलमान को लगातार बांटा जा रहा है। बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के ही नाम पर देश में कई दंगे हो चुके हैं जिसमें कई मासूम लोगों की जाने भी गयी हैं. जनता भी इस तरह के मुद्दों से ख़ुद को अलग नहीं रख पाती और नेताओं के बहकावे में झगड़े लड़ाई वाले मेसेजेस को सोशल मीडिया पर वायरल करने लगती है. ऐसे में नफ़रत लगातार बढ़ती जा रही है.कुल मिला कर जनता को भी ये समझने की ज़रुरत है कि अयोध्या विवाद का मामला अदालत में चल रहा है ऐसे में जो फ़ैसला होना है वो अदालत को ही करना है, किसी के अच्छे या बुरे सन्देश से कुछ होने वाला नहीं है. इसके अलावा ये भी है कि इस मुद्दे को हिन्दू और मुसलमान में टकराव का मुद्दा ना बनने दें.

अब इसी तरह के कई और मुद्दे उठाये जा रहे हैं जिससे कि हिन्दू और मुसलमान में टकराव आये. कभी कहीं से गौ-रक्षा का मुद्दा आ जाता है तो कभी लव-जिहाद का.. अब ऐसे और कौन से मुद्दे सामने आने वाले हैं ये तो इलेक्शन ही बतायेगा.

~
अरग़वान रब्बही

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *