दलित वोट बचाने के लिए भाजपा ने पासवान को किया आगे, क्या जिग्नेश से कर पायेंगे मुक़ाबला?

November 11, 2017 by No Comments

गांधीनगर: गुजरात में दलितों के बीच चुनाव प्रचार करने के लिए बीजेपी ने दलित नेता, केंद्रीय मंत्री और लाेकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान को मैदान में उतारा है। बीजेपी का ये कदम दर्शाता है कि उन्हें इस बात का अंदाजा लग चुका है कि दलितों समाज में अब उनके कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव प्रचार करना समुदाय के लोगों पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा।

गुजरात में 22 सालों से बीजेपी राज कर रही है, लेकिन हाल ही के कुछ वक़्त से राज्य में दलित विरोधी घटनाओं में इजाफा हुआ है। गौरक्षा के नाम पर हो रही राजनीति में गुजरात के दलित समुदाय को निशाना बनाया गया। जिसका गवाह है बीते साल गुजरात के ऊना में हुआ दलित पिटाई कांड।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब केंद्र में सत्ता संभाली तो उसके बाद बीजेपी ने गौरक्षा के मुद्दे को प्रमुख रखा। जिसके बाद दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना देश के विभिन्न राज्यों में निशाना बनाया है।
लेकिन ऊना कांड के बाद दलितों ने बीजेपी का जमकर विरोध किया। दलितों के इस विरोध के कारण राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदी बेन को इस्तीफा देना पड़ा। इस कड़ी में राज्य में चले दलित आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे जिग्नेश मेवानी। जिग्नेश ने राज्य में दलित आंदोलन का नेतृत्व किया। जिसके बाद राज्य के 7% दलित उनके साथ हैं।

बीजेपी जानती हैं कि इस बार वे राज्य के दलित समुदाय को अपनी दलीलों से लुभा नहीं पाएंगे। इसलिए वे इसके लिए दलित नेता रामविलास पासवान का सहारा ले रहे हैं। खबर के मुताबिक प्रदेश के दलित बहुल इलाकों में उनके दौरों के कार्यक्रम बनाए गए हैं। वे इन इलाकों में कई रैलियों को संबोधित करेंगे और बीजेपी उम्मीदवारों के लिए घर-घर जाकर वोट भी मांगेंगे।

गौरतलब है कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रामविलास पासवान को चुनाव प्रचार से परे रखा था।
लेकिन गुजरात के जातीय समीकरण ऐसे उलझ गए हैं कि बीजेपी उनसे मदद लेने पर मजबूर है। दरअसल गुजरात के तीन युवा नेताओं ने इस बार के चुनाव में बीजेपी की नींद उड़ा दी है।
इन तीन युवाओं- हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकोर बीजेपी को हराने के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। इनमें अल्पेश कांग्रेस में ही शामिल हो चुके हैं और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के समर्थन का इंतज़ार किया जा रहा है।

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