‘मोदी सरकार’ को चौंका देगा RBI डिप्टी गवर्नर का ये बयान- ‘तो नाराज़गी झेलनी पड़ेगी’

October 27, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: सीबीआई के मामले ने एक ओर केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को परेशान कर रखा है. वहीं अब एक नया मामला सामने आ गया है. वित्तीय घोटालों से जूझ रही सरकार को वित्तीय संस्थाओं की नाराज़गी भी झेलनी पड़ रही है. अंदर-अंदर से ये भी ख़बरें आ रही हैं कि केन्द्रीय बैंक और केंद्र सरकार में ज़बरदस्त मतभेद हैं.

भारतीय रिज़र्व बैंक और केंद्र सरकार में मतभेद की वजह जानकार ये बता रहे हैं कि केंद्र सरकार केन्द्रीय बैंक के कामकाज में दख़ल देने की कोशिश कर रहा है जो अधिकारियों को पसंद नहीं आ रहा है.इस बीच भारतीय रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने एक ऐसा बयान दिया है जो मोदी सरकार को और मुश्किल में डालेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार केंद्रीय बैंक की आजादी का सम्मान नहीं करेगी तो उसे जल्दी या बाद में आर्थिक बाजारों की नाराज़गी का शिकार होना पड़ेगा.

सरकार और आरबीआई के बीच मतभेदों के अटकलों के बीच शुक्रवार को आचार्य का ये बयान सारे मामले को उजागर कर देता है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक की आजादी को कमतर आंकना किसी भी सरकार के लिए ‘सेल्फ गोल’ साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि बुद्धिमान राजनेता केंद्रीय बैंक को ज़रूरी स्वायत्ता देंगे ताकि वह समष्टि आर्थिक स्थितियों के चुनावी लाभ उठा सकें, जो ऐसी आज़ादी ही ला सकती है.

आचार्य ने साफ़ कहा कि अगर सरकारें केंद्रीय बैंक की आज़ादी का सम्मान नहीं करेंगी तो उनके हाथ सिर्फ़ निराशा ही लगेगी. उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें पछतावा होगा कि एक महत्वपूर्ण संस्था को कमतर आंका गया. आचार्य ने कहा कि जो बुद्धिमान सरकारें आवश्यक छूट प्रदान करती हैं, उधार लेने की कम लागत, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के प्यार और लंबे समय तक सत्ता में बने रहने का लाभ पाती हैं. उन्होंने आरबीआई को सरकार का ‘मित्र’ बताया, जो ‘सरकार को अप्रिय लेकिन क्रूर ईमानदार सच्चाई बताएगा.’

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