रोहिंग्या मुद्दे पर सरकार ने कोई एफिडेविट नहीं दिया है: केन्द्रीय मंत्री

नई दिल्ली: मोदी सरकार में मंत्री किरन रिजीजू ने उन सभी रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या मुद्दे पर एफिडेविट डाला है और कहा है कि रोहिंग्या लोग भारत में नहीं रह सकते. रिजीजू ने कहा कि इस मामले में अभी तक कोई एफिडेविट नहीं दाख़िल किया गया है.

इसके पहले रिपोर्ट्स आयीं थीं जिसमें ये कहा गया था कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट दाख़िल किया है जिसके मुताबिक़ रोहिंग्या रिफ्यूजी में से कुछ लोगों को देश के लिए “ख़तरा” बताया गया है. इन सभी रिपोर्ट्स का खंडन करने के साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा है कि वो इस बारे में एफिडेविट दाख़िल करने की सोच रहे हैं.

म्यांमार के उत्तर-पूर्व में पड़ने वाले रखीने प्रांत की रोहिंग्या आबादी इस वक़्त मुश्किल वक़्त में है. वहाँ की सेना और सरकार पर ये इलज़ाम लग रहा है कि वो मानवाधिकारों के विरुद्ध काम कर रहे हैं. म्यांमार की औंग सैन सू की सरकार पर लगातार नरसंहार के आरोप लगते रहे हैं.

इस बीच रोहिंग्या रिफ्यूजी बांग्लादेश, नेपाल और भारत जैसे देशों में सुरक्षा की दृष्टि से आ गए हैं. बांग्लादेश में वो बड़ी संख्या में कैंप में रह रहे है भारत में भी रिफ्यूजी हैं. भारत में अवैध रोहिंग्या रिफ्यूजी भी आये हैं, इनकी संख्या 40 हज़ार बतायी जा रही है. इन अवैध रोहिंग्या रिफ्यूजी को लेकर बहस छिड़ी हुई है. इसको लेकर 18 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट सुनवायी करेगी.

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