रोहिंग्या मुद्दे पर म्यांमारी मंत्री का शर्मनाक बयान: “क्या उन्हें देखकर लगता है उनका कोई बलात्कार करना चाहेगा”

September 11, 2017 by No Comments

म्यांमार में रोहिंग्या मामले में अपना पक्ष रखने के लिए बर्मा सरकार ने 18 स्थानीय और विदेशी पत्रकारों को इन इलाक़ों का दौरा कराया। रोहिंग्या वासियों पर हुए अत्याचार की दुनियाभर में काफी निंदा की जा रही है। वहीं इस मुद्दे पर अपना तर्क भी सामने रख रही है।
दरअसल रखाइन प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा का इतिहास काफी लंबा है।

बीबीसी के पत्रकार के मुताबिक, हमने जले हुए गांव देखे। म्यो थी ग्यी नाम के गांव में हाल ये था कि नारियल के पेड़ तक जला दिए गए थे।रोहिंग्या शरणार्थियों का कहना है कि सेना और भीड़ उनके गांव जला रही है। बर्मा सरकार द्वारा मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया जा रहा है।

लेकिन बर्मा सरकार की तरफ से आ रहे बयान कुछ और ही कहते हैं। वहां मौजूद एक बौद्ध भिक्षु ने बताया कि इन इलाकों को वहां रह रहे मुस्लिम परिवारों ने खुद आग लगाई है।इस बारे में सीमा सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार स्थानीय मंत्री कर्नल फोन टिंट का कहना है कि वे अराकान रोहिंग्या सालवेशन आर्मी (एआरएसए) के सदस्यों रोहिंग्या गांवों में लोगों से हर परिवार को एक सदस्य देने के लिए मजबूर किया और जिन्होंने मना किया उनके घर जला दिए।

इन लोगों ने बारूदी सुरंगे बिछाई और तीन पुलों को भी उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि इन सभी गांवों को एआरएसए ने आग लगाई है। उन्होंने कहा कि सेना रोहिंग्या लोगों पर अत्याचार कर रही है, इसके सबूत कहाँ हैं ?बहुत ही कड़वे शब्द इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा कि रोहिंग्या औरतें दावा कर रही है कि उनके साथ शोषण हुआ है, क्या उन्हें देखकर लगता है कोई भी उनका बलात्कार करना चाहेगा?”

अभी भी वहां बसे हुए मुसलमानों ने बताया कि उन्हें इलाक़ा नहीं छोड़ने दिया जा रहा है और यहां खाने-पीने को भी नहीं मिल रहा। यहाँ पर हम भूखे मर रहे हैं और यहाँ पर बेहद डर का माहौल है। उन लोगों का कहना है कि वे लोग भागकर बांग्लादेश जाना चाहते हैं लेकिन उनके नेताओं ने अधिकारियों के साथ समझौता किया है कि वो यहीं रहेंगे। इन लोगों का कहना है कि उन्हें सरकार से डर है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *