ईरान ने इज़राइल को बताया ‘कैंसर’, सऊदी अरब की ओर बढ़ाया दोस्ती का हाथ

November 27, 2018 by No Comments

ईरान: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को विश्व भर के मुसलमानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अमेरिका के विरूद्ध एक हों। उन्होंने सऊदी लोगों को ‘‘भाई’’ बताते हुए कहा है कि उन्हें तेहरान से डरने की आवश्यकता नहीं है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 में प्रमुख शक्तियों के मध्य हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से मई में बाहर आने की घोषणा की थी। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर व्यापक प्रभावों वाले प्रतिबंध एकपक्षीय ढंग से लगा दिए थे।

रूहानी ने यहां आयोजित इस्लामिक एकता सम्मेलन में कहा, ‘‘आज अमेरिका चाहता है कि पश्चिम एशिया उसका गुलाम हो जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपराधियों के लिए लाल कालीन बिछाने के बजाय मुसलमान सरकारों को अमेरिका और ‘‘क्षेत्र की कैंसर की गांठ’’ इस्राइल के खिलाफ एक हो जाना चाहिए। शिया बाहुल्य वाले ईरान के सुन्नी प्रतिस्पर्धी सऊदी अरब को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह ‘अपमानजनक’ अमेरिकी सहायता को लेना बंद करे। रूहानी ने कहा, ‘हम सऊदी लोगों के हितों की आतंकवाद और अत्यधिक शक्तिशालियों से अपनी पूरी क्षमता से सुरक्षा करने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम इसके लिए 450 अरब अमेरिकी डालर नहीं चाहते और आपका अपमान नहीं करेंगे।’

उन्होंने इजराइल को एक ‘‘फर्जी शासन’’ करार दिया जिसे पश्चिमी देशों द्वारा स्थापित किया गया है। उन्होने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के मनहूस परिणामों में से एक क्षेत्र में एक कैंसर कारक ट्यूमर का निर्माण था।’’ग़ौरतलब है कि ईरान और सऊदी अरब को एक दूसरे का कट्टर विरोधी समझा जाता है. पश्चिम एशिया में दोनों देश अपने-अपने आपको शक्तिशाली शो करने की कोशिश में रहते हैं और अपना क्षेत्र बढ़ा रहे हैं. ईरान की ओर से आए इस बयान पर सऊदी अरब की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है ये देखने की बात होगी. हालाँकि कुछ जानकार मानते हैं कि रूहानी सऊदी अरब के लोगों तक अपना पैग़ाम पहुँचाने की कोशिश में हैं और सऊदी सरकार के ख़िलाफ़ माहौल बनाने की कोशिश में हैं.

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