आरएसएस से जुड़े पत्रकार ने भारत को इस अरब मुस्लिम से सीखने की नसीयत दी,बोले-देखिये अरब देश ने कैसी मिसाल पेश की

February 13, 2019 by No Comments

दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन आरएसएस यूं तो भारत में हिं’सा और न’फरत फैलाने का काम करता है लेकिन संघ से जुड़े एक कार्यकर्ता ने ऐसा बयान दिया है कि सब चौंक जाएँ। संघ के कार्यकर्ता डॉ वेद प्रताप वैदिक ने संयुक्त अरब अमीरात में हिंदी को मान्यता दिए जाने पर खुशी जाहिर की है और भारत को यूएई से सीख लेने की बात कह डाली है।
गौरतलब है कि हाल ही में यूएई में अदालत ने हिंदी को भी मान्यता दे दी है हिंदी को मान्यता मिलने का मतलब है कि अब यहां पर उर्दू को भी मान्यता मिल गई है। डॉ वेद प्रताप वैदिक का कहना है कि अरब देश में रहने वाले सारे भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अदालत में इंसाफ के दरवाजे खोल दिए हैं। अमीरात की जनसंख्या 90 लाख है। जिसमें से 26 लाख भारतीय हैं और 12 लाख पाकिस्तानी।

आरएसएस कार्यकर्ता


यहां पर भारत और पाकिस्तान से लाखों की तादाद में लोग काम करने के लिए जाते हैं और इन लोगों के लिए अरबी और अंग्रेजी के सहारे न्याय पाना काफी मुश्किल होता है। क्योंकि यह इन दोनों भाषाओं का ज्ञान नहीं रखते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में कई बार बेकसूर लोगों को सजा हो जाती है या फिर उन्हें भारी संख्या में जुर्माना देना पड़ता है। कभी-कभी तो बेकसूर लोगों को देश से भी निकाल दिया जाता है। लेकिन अब अदालत द्वारा न्याय व्यवस्था में किए गए सुधार से भारतीय और पाकिस्तानी लोगों की मुश्किलें हल हो सकती हैं।
इसका भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को खुले दिल से स्वागत करना चाहिए। आरएसएस कार्यकर्ता डॉक्टर वेदप्रताप वैदिक ने कहा है कि यूएई द्वारा उठाए गए इस कदम से भारत और पाकिस्तान को सीख लेनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में अक्सर किसी भी केस पर बहस अंग्रेजी में की जाती है और फैसले भी अंग्रेजी में ही सुनाए जाते हैं। यहाँ की अदालतों में भी हिंदी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बल्कि देश में कानून की पढ़ाई हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट


भारत कार्यकर्ता ने देश के नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि यह काम हमारे नेता कैसे कर सकते हैं या तो वह अनपढ़ हैं या फिर वह जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहते। हमें नेताओं से उम्मीद करने की जगह देश के विद्वान वकील जज और कानून के प्रोफेसरों से उम्मीद करनी चाहिए ताकि वह ये बड़ा बदलाव ला सकें।

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