राजनीति में धुरंदर साबित हो रहे हैं सचिन पायलट

November 5, 2018 by No Comments

जयपुर: राजस्थान चुनाव के लिए आ रहा हर सर्वे सचिन पायलट को मतदाताओं की पहली पसंद बता रहा है. माना जा रहा है कि उनकी लोकप्रियता मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अपने ही साथी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से ज्यादा है. ये दोनों ही राजस्थान राजनीति के स्तंभ माने जाते हैं. राजस्थान कौन जीत रहा है। सर्वे में तो देखा जाए तो कांग्रेस आसानी से सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। कई सर्वे ये दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापस आ रही है, कांग्रेस को 115-120 सीटें मिल रही हैं जबकि पिछली बार केवल 21 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। अगर ये सर्वे ठीक साबित होते हैं तो राजस्थान से बीजेपी के लिए अच्छी खबर नहीं है।

पिछली बार भाजपा की 163 सीटों के साथ सरकार बनाई थी। यानी करीब 88 सीटों का सीधे सीधे नुकसान हो रहा है। राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट का उभरना एक बार फिर खरगोश और कछुए की कहानी के सिद्धांत को साबित करता है. चार साल तक उन्होंने चुपचाप, आराम से, लगातार जमीनी स्तर पर काम किया. उसके बाद अचानक राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनकर खड़े हुए. राजस्थान में बेरोजगारी,विकास,महंगाई,मॉब लिंचिंग, एससी एसटी ऐक्ट मुख्य मुद्दे हैं।लोगों का कहना है कि बेरोजगारी के मुद्दे पर मौजूदा सरकार चुनकर आई थी। लेकिन उस दिशा में कदम नहीं उठाए गए। इसके साथ ही राज्य का चहुंमुखी विकास भी नहीं हुआ।27 फीसद लोगों के लिये विकास मुख्य मुद्दा है। 35 फीसद लोगों के लिए बेरोजगारी मुख्य मुद्दा है। महंगाई 15 फीसद लोगों के लिए अहम है जबकि मॉब लिंचिंग 10 फीसद लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। एससी-एसटी 6 फीसद लोगों के लिए अहम है ।

मीडिया से मुखातिब होते हुए सचिन पायलट ने कहा कि हमारी पार्टी मजबूत होते आ रही है. सबसे पहले हमें वहां से वसुंधरा राजे की विदाई करनी है, इसके बाद वहां नेता चुने जाएंगे. सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव की तारीखों की घोषणा का मैं स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि राजनीति में चुनाव लोकतंत्र में एक पर्व है. अब बीजेपी  को लोग वहां से बेदखल करना चाहते हैं. विधानसभा चुनाव में जनता को राहत मिलेगी. बदलाव होगा और नई सरकार का गठन होगा.

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