साहित्यिक चोरी के मामले में फंसे नीतीश कुमार, लगा 20 हज़ार का जुर्माना

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक साहित्यिक चोरी के मामले में उच्च न्यायलय ने जुर्माना लगा दिया. नितीश ने इस मामले में अपना नाम पक्षकारों से हटाने की मांग की थी जिसकी वजह से अदालत ने उन पर २० हज़ार का जुरमाना ठोक दिया.

JNU के पूर्व शोधकर्ता अतुल कुमार सिंह ने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था की उनके शोध कार्य को पटना स्थित एशियाई डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टिट्यूट के सदस्य शेबल गुप्ता ने किताब (ए केस फॉर बिहार) के रूप में छपवा लिया है. इस किताब को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनुलेखित किया है. नीतीश कुमार ने खुद को मामले से अलग बताते हुए एक अर्ज़ी दी थी जिसमें उन्होंने कहा था की उनका किताब से किसी तरह का कोई लेना देना नहीं है और उन्होंने किताब को सिर्फ अनुलेखित किया है. इस कारण उन्होंने अपना नाम हटाने की मांग की.

नीतीश की इस मांग को अदालत ने नकार भी दिया और साथ ही उनपर जुर्माना लगाया. अतुल कुमार सिंह ने शेबल गुप्ता, ADRI और उसकी सहायाक संस्था सेंटर फॉर इकोनोमिक पोलिसी एंड पब्लिक फाइनेंस से 25 लाख हर्जाने की मांग की है.

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