संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं मुलायम परिवार के दिग्गज, भाजपा की नहीं गलेगी दाल

September 30, 2018 by No Comments

लोकसभा चुनाव की विशेष सीरीज़ में हम आज बात करने जा रहे हैं संभल लोकसभा सीट की. उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से एक संभल लोकसभा सीट ऐसी हैं जहाँ मुस्लिम वोटर्स की संख्या अधिक है. यहाँ वरिष्ट नेता शफीक़-उर-रहमान बर्क़ का दबदबा माना जाता है लेकिन मोदी लहर में वो भी अपनी सीट नहीं बचा सके.

साल 2014 की बात करें तो बर्क़ समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी ने उन्हें क़रीबी मुक़ाबले में हरा दिया. जीत-हार का अंतर महज़ 5174 वोटों का था. सैनी को 3 लाख 60 हज़ार वोट मिले थे जबकि बर्क़ को 3,55,068. वहीं बसपा के टिकट पर चुनाव में उतरे अक़ील उर रहमान ख़ान को भी ढाई लाख से अधिक वोट मिले. जानकारों के मुताबिक़ उन्होंने ही भाजपा के लिए जीत के रास्ते खोले क्यूँकि बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट बंट गया.

बात अगर सीट के इतिहास की करें तो यहाँ से मुलायम सिंह यादव भी सांसद रह चुके हैं और प्रोफ़. राम गोपाल यादव भी. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है. 1996 में यहाँ से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर डी.पी. यादव सांसद चुने गए थे. 2014 में पहली बार ऐसा हुआ कि यहाँ से भाजपा चुनाव जीत गयी थी.

अभी की स्थिति पर चर्चा की जाए तो ऐसा माना जा रहा है कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले सपा-बसपा गठबंधन बना ले जाते हैं तो जीत महागठबंधन के प्रत्याशी की तय है. ये बात भी लगभग तय है कि यहाँ से हर हालत में सपा का ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरेगा. क्षेत्रीय जानकार मानते हैं कि सैनी बतौर सांसद जनता को ख़ुश करने में नाकाम रहे हैं. भाजपा की स्थिति यहाँ ख़राब हुई है. ऐसे में सपा अगर यहाँ से गठबंधन के बिना भी चुनाव लड़ेगी तो भी उसे फ़तह हासिल होगी, ऐसा जानकार कहते हैं.

एक विशेष सूत्र ने बताया है कि संभल सीट से सपा के यादव परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ सकता है. अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रोफ़. राम गोपाल यादव एक बार फिर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे क्या. ऐसे में वो यहाँ से चुनाव लड़ सकते हैं.

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